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चंडीगढ़ 11 March | एक दुर्लभ और जानलेवा प्रसूति आपात स्थिति में मदरहुड चैतन्य हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने 35 वर्षीय महिला में पाए गए अत्यंत असामान्य ट्विन सीज़ेरियन स्कार प्रेग्नेंसी का सफल उपचार कर समय पर पहचान और हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया।श्रीमती रिया (बदला हुआ नाम), जो पहले एक सी-सेक्शन डिलीवरी करा चुकी थीं और जिन्हें गर्भावस्था के मध्य चरण में एक बार गर्भहानि हो चुकी थी, इस बार स्वाभाविक रूप से गर्भवती हुईं। गर्भावस्था के नौवें सप्ताह में की गई शुरुआती अल्ट्रासाउंड जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया — जुड़वां गर्भ पुराने सी-सेक्शन के निशान (स्कार) के भीतर ही विकसित हो रहा था। विशेषज्ञों ने सुरक्षित रूप से गर्भ को हटाकर समय रहते रक्तस्राव नियंत्रित कर लिया और बड़ी आपात स्थिति टाल दी।मामले पर टिप्पणी करते हुए डॉ . हीना चावला , कंसल्टेंट – गायनेकोलॉजिकल, लैप्रोस्कोपिक एवं ऑन्कोलॉजी सर्जरी, मदरहुड हॉस्पिटल्स, सेक्टर 44, चंडीगढ़ ने कहा,“ट्विन स्कार प्रेग्नेंसी अत्यंत दुर्लभ लेकिन उच्च जोखिम वाली स्थिति है। बिना उपचार के लगभग आधे मामलों में गंभीर रक्तस्राव हो सकता है। इसलिए जिन महिलाओं का पहले सी-सेक्शन हो चुका है, उनके लिए 6–7 सप्ताह में पहली तिमाही का अल्ट्रासाउंड कराना बेहद जरूरी है। समय पर पहचान से हम रक्तस्राव के खतरे को नियंत्रित कर सके और गर्भाशय को सुरक्षित रख पाए। गर्भाशय सुरक्षित रहने का मतलब है कि महिला की भविष्य की प्रजनन क्षमता प्रभावित नहीं होती, जो आगे गर्भधारण की योजना बनाने वाली महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”