कथित तौर पर चली गोली, चार राउंडअप
-चरणजीत सिंह चन्न-
जगरांव/यूटर्न/10/मार्च। जगरांव के नजदीकी गांव कोठे हरी सिंह में बीती रात एक प्रवासी परिवार के दो गुटों के बीच चल रहा पुराना विवाद उस समय हिंसक रूप ले गया, जब दीवार के निर्माण और सरकारी टाइलें उखाड़ने को लेकर दोनों पक्षों में जमकर टकराव हुआ। इस दौरान कथित तौर पर गोली चलने की भी खबर है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मौजूदा सरपंच के बेटे सहित कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
पंचायत का पक्ष और विवाद की जड़:-गांव की मौजूदा महिला सरपंच रणजीत कौर, पंच हाकम सिंह और पंचायत सदस्य इकबाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव में रहने वाले एक प्रवासी परिवार के सदस्यों (जो अलग-अलग घरों में रहते हैं) के बीच पिछले काफी समय से आपसी विवाद चल रहा है। पंचायत ने कई बार अपने स्तर पर समझौता करवाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी।
सोमवार को यह विवाद तब फिर भड़क गया जब एक पक्ष ने गली में लगी सरकारी इंटरलॉकिंग टाइलें उखाड़कर वहां दीवार बनाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर पंचायत सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण रुकवा दिया और बनाई जा रही दीवार को गिरा दिया। पंचायत के अनुसार, देर शाम दोनों गुटों में फिर से हिंसक झड़प हो गई। सरपंच ने बताया कि कथित तौर पर गोली चलने की घटना की जानकारी उन्हें मंगलवार तड़के मिली।
प्रथम पक्ष के आरोप:-बाहर से आकर हम पर हमला किया और गोली चलाई"
इस घटनाक्रम को लेकर एक पक्ष की महिला निशा ने आरोप लगाया है कि उनके देवर के परिवार ने पिछले सात सालों से उनके मुख्य दरवाजे के साथ शौचालय बनाया हुआ था, जिसे कुछ महीने पहले ही हटाया गया था। निशा का आरोप है कि अब उनके देवर पप्पू ने जानबूझकर अपनी हद से बाहर आकर सरकारी टाइलें उखाड़कर दीवार बनाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि देर शाम नंगल डैम से आई उनकी ननद और अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके और उनके बच्चों के साथ मारपीट की और दरवाजे तोड़ दिए। जब उन्होंने बचाव के लिए पंचायत को बुलाया, तो ननद के साथ आए देवर ने कथित तौर पर गोली चला दी। महिला ने दावा किया है कि पुलिस ने मौके से दो हथियार भी बरामद किए हैं।
दूसरे पक्ष की सफाई:-बाहरी लोगों को बुलाकर हमारी बेरहमी से पिटाई की गई
दूसरी ओर, बुजुर्ग मनोहर लाल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि वे पंचायत के फैसले के अनुसार तय जगह पर ही दीवार बनाने को तैयार थे, लेकिन दूसरे पक्ष ने गांव के ही कुछ बाहरी लोगों को बुला लिया। मनोहर लाल का आरोप है कि उन लोगों ने आते ही गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। यहां तक कि उन्हें दवाई दिलाने आए लड़कों को भी घसीट-घसीट कर पीटा गया। कथित गोलीबारी के सवाल पर उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
पूर्व सरपंच का अहम खुलासा:-"विवादित गली की जमीन पंचायत की नहीं, निजी है"
इस पूरे मामले में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब गांव के पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह ने एक हैरान करने वाली जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिस गली की टाइलें उखाड़ने को लेकर यह सारा विवाद हुआ है, असल में वह जगह पंचायत की नहीं बल्कि प्रवासी परिवार के मुखिया मनोहर लाल की निजी संपत्ति है। पूर्व सरपंच ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल के दौरान मनोहर लाल की सहमति और आपसी भाईचारे के तहत ही पंचायत ने उस गली में इंटरलॉकिंग टाइलें लगवाई थीं।
पुलिस की कार्रवाई जारी:-
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लेकर मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। असल सच्चाई पुलिस की तफ्तीश पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।