Uturn Time
Breaking
दिल्ली में पीएम मोदी से मिले CM विजय, 12 साल बाद खास मुलाकात Chandigarh: हरियाणा सरकार ने बनाया सफाई कर्मचारी आयोग, ईश्वर सिंह को मिली चेयरमैन की जिम्मेदारी Sonipat: ऑनलाइन लिंक भेजकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार Dharamshala: तिब्बती सरकार-इन-एग्जाइल में दूसरी बार शपथ लेकर पेंपा सेरिंग ने दोहराया भरोसा Panipat: गला घोंटकर युवक की हत्या का खुलासा, पुलिस ने मां-बेटे को हत्या के आरोप में पकड़ा सट्‌टेबाजी के पैसे की निकासी के लिए होटल इंडस्ट्री बन रही गेटवे ? Sirsa: आईजी का सख्त आदेश: धमकी कॉल करने वालों को वेरिफाई करें, हर कॉल की जांच करें Chandigarh: हरियाणा सरकार का कदम, गिग वर्कर्स का होगा रजिस्ट्रेशन एससी ने देशव्यापी एसआईआर को सही ठहराया, कहा - चुनावी निष्पक्षता से समझौता नहीं किया जा सकता भाजपा पंजाब में नेतृत्व पर निर्णय; रवनीत बिट्टू बन सकते है चेहरा वॉर्ड 31 के साथ सौतेलों जैसे व्यवहार, कांग्रेसी बोले हमारी सरकार आएगी तो काम करवाएगें, सत्ताधारियों का ध्यान नहीं, जनता बीच में लटकी Chandigarh: शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए मांगी रिश्वत, सहायक उपनिरीक्षक को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथ किया काबू
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 08 March। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग को लेकर रविवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन किया। यह विरोध मार्च पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति (PBBSC) के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (PUTA) ने भी भाग लिया। प्रदर्शन में प्रदेश भर से आए हजारों सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने सरकार से विधानसभा चुनाव 2022 से पहले किए गए वादे के अनुसार सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। पुटा के अध्यक्ष ने पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नवंबर 2022 में ओपीएस लागू करने की घोषणा के बावजूद अब तक इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी नहीं किया गया है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी करार दिया। पुटा नेताओं का कहना है कि बजट में इस मुद्दे पर कोई घोषणा करने के बजाय सरकार ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जो एक लोकतांत्रिक सरकार के लिए उचित नहीं है। पुटा ने सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार असंवेदनशील और दमनकारी है। पुटा नेताओं ने कहा कि कर्मचारी सरकार के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर पुटा के पदाधिकारी अमरजीत सिंह नूरा और मृत्युंजय कुमार सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।