पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ईटीओ ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करने पर कांग्रेस की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और संवैधानिक मर्यादाओं का अपमान बताया है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों ने जहां राज्य के संसाधनों को माफिया के हवाले किया, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 'आप' सरकार ने वित्तीय अनुशासन और विकास पर ध्यान केंद्रित किया है; उन्होंने कांग्रेस को 'दलित विरोधी' करार देते हुए चेतावनी दी कि 2027 के चुनावों में उनका पूर्ण सफाया निश्चित है। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 63,000 युवाओं को सरकारी नौकरी, मोहल्ला क्लीनिकों का विस्तार और 90% परिवारों को मुफ्त बिजली जैसे जनहितैषी कार्यों से कांग्रेस बौखला गई है और इसीलिए चर्चा से भाग रही है। वहीं, मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने प्रताप सिंह बाजवा द्वारा दलित समुदाय पर की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गरीबों को केवल वोट बैंक समझा है, और उनकी यही मानसिकता आगामी चुनावों में उनके लिए अंतिम कील साबित होगी।