जीरकपुर 05 March : पीर मुछल्ला स्थित डंपिंग साइट पर पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे कचरा उठाने के कार्य को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। टीम के साथ डंपिंग साइट का दौरा करने के बाद उन्होंने नगर परिषद जीरकपुर के प्रधान सरदार उदयवीर सिंह ढिल्लों को मौके की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि कचरा उठाने वाली कंपनी ने 8 से 10 फीट गहरे गड्ढों में दबे कचरे को निकालने का काम बंद कर दिया है और अब केवल रोजाना आने वाले कचरे को उठाने के नियमित कार्य में ही लग गई है। जबकि पहले इन गड्ढों में दबे पुराने कचरे को पूरी तरह साफ करना जरूरी है।
समाजसेवी गुरु सेवक सिंह पूनिया ने बताया कि पिछले करीब छह महीनों से जीरकपुर, पंचकूला और चंडीगढ़ समेत आसपास के इलाकों का कचरा इस डंपिंग साइट पर लाया जा रहा था, जिसे स्थानीय लोगों के सहयोग से रुकवाया गया था। कंपनी ने फिलहाल केवल सतह पर जमा कचरे के पहाड़ों को हटाया है, जो कुल कचरे का लगभग 40 प्रतिशत ही बताया जा रहा है। सतह के नीचे दबा हुआ काफी कचरा अभी भी मौजूद है, जिसे मलबे से ढकने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि गड्ढों में दबे इस सड़े-गले कचरे को नहीं निकाला गया तो इससे जमीन का पानी दूषित होने और बीमारियां फैलने का खतरा बना रहेगा। इस संबंध में नगर परिषद जीरकपुर के प्रधान सरदार उदयवीर सिंह ढिल्लों और नगर परिषद प्रशासन से अपील की गई है कि गड्ढों में दबे कचरे को भी बाहर निकलवाकर इन गड्ढों को मिट्टी और मलबे से भरवाया जाए, न कि सड़े हुए कचरे से।
साथ ही अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से भी अपील की गई है कि अधूरे काम को पूरा होने का दावा कर झूठी वाहवाही लेने के बजाय सभी मिलकर कंपनी पर दबाव बनाएं ताकि डंपिंग साइट को पूरी तरह साफ कराया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करनी है तो किसी अन्य मुद्दे पर की जाए, लेकिन इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर नहीं।