ddos for hiredstatdstat l4주소모음스포츠중계토토사이트여기여주소모음스포츠중계토토사이트배팅의민족여기여bulk Ahrefs DR checker스포츠중계뉴토끼토토사이트누누티비블랙툰토토커뮤니티주소모음ipstresserip stressercasibomcasibomjojobetjojobet
पीर मुछल्ला डंपिंग साइट से सिर्फ सतह का 40% कचरा हटाया, गड्ढों में दबे सड़े कचरे से बीमारी फैलने का खतरा - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
सुबह-सुबह 8 से 10 गाड़ियों में पहुंची सेंट्रल जीएसटी की टीमें, सुधीर फोर्जिंग में दस्तावेजों की जांच शुरू Chandigarh: हरियाणा में आयुष सेवाओं को मिलेगा विस्तार, हिसार आयुष अस्पताल अगस्त 2026 तक होगा शुरू Shimla: हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 5,600 से अधिक पदों पर होगी भर्ती; आशा वर्करों और शिक्षकों को भी राहत Chandigarh: हरियाणा में लर्निंग लाइसेंस के नियम बदले, अब पहले सीखनी होगी सेफ ड्राइविंग और फर्स्ट एड New Delhi: दिल्ली प्रदर्शन में 65 लोग घायल, आरएमएल अस्पताल में भर्ती; पुलिसकर्मी भी शामिल New Delhi: भारत और बेनिन मिलकर मजबूत करेंगे चुनाव प्रबंधन व्यवस्था, निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण पर बनी सहमति New Delhi: राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ New Delhi: राष्ट्रपति मुर्मु की मोल्दोवा यात्रा: कृषि, एआई और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति Kolkata: दिल्ली छात्र आंदोलन पर ममता का केंद्र पर हमला, बोलीं- लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद होना चाहिए Chandigarh: 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे अमृतपाल सिंह, 'वारिस पंजाब दे' ने सीएम चेहरा घोषित किया Mohali: एयरोट्रोपोलिस विस्तार के लिए 3,523 एकड़ भूमि अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी, किसानों को मिलेंगे 23,457 करोड़ रुपये Chandigarh: बेअदबी केस में एसआईटी के सामने पेश हुए सुखबीर बादल, बोले- जांच में करूंगा पूरा सहयोग
Logo
Uturn Time
जीरकपुर 05 March : पीर मुछल्ला  स्थित डंपिंग साइट पर पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे कचरा उठाने के कार्य को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। टीम के साथ डंपिंग साइट का दौरा करने के बाद उन्होंने नगर परिषद जीरकपुर के प्रधान सरदार उदयवीर सिंह ढिल्लों को मौके की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कचरा उठाने वाली कंपनी ने 8 से 10 फीट गहरे गड्ढों में दबे कचरे को निकालने का काम बंद कर दिया है और अब केवल रोजाना आने वाले कचरे को उठाने के नियमित कार्य में ही लग गई है। जबकि पहले इन गड्ढों में दबे पुराने कचरे को पूरी तरह साफ करना जरूरी है। समाजसेवी गुरु सेवक सिंह पूनिया ने बताया कि  पिछले करीब छह महीनों से जीरकपुर, पंचकूला और चंडीगढ़ समेत आसपास के इलाकों का कचरा इस डंपिंग साइट पर लाया जा रहा था, जिसे स्थानीय लोगों के सहयोग से रुकवाया गया था। कंपनी ने फिलहाल केवल सतह पर जमा कचरे के पहाड़ों को हटाया है, जो कुल कचरे का लगभग 40 प्रतिशत ही बताया जा रहा है। सतह के नीचे दबा हुआ काफी कचरा अभी भी मौजूद है, जिसे मलबे से ढकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि गड्ढों में दबे इस सड़े-गले कचरे को नहीं निकाला गया तो इससे जमीन का पानी दूषित होने और बीमारियां फैलने का खतरा बना रहेगा। इस संबंध में नगर परिषद जीरकपुर के प्रधान सरदार उदयवीर सिंह ढिल्लों और नगर परिषद प्रशासन से अपील की गई है कि गड्ढों में दबे कचरे को भी बाहर निकलवाकर इन गड्ढों को मिट्टी और मलबे से भरवाया जाए, न कि सड़े हुए कचरे से। साथ ही अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से भी अपील की गई है कि अधूरे काम को पूरा होने का दावा कर झूठी वाहवाही लेने के बजाय सभी मिलकर कंपनी पर दबाव बनाएं ताकि डंपिंग साइट को पूरी तरह साफ कराया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करनी है तो किसी अन्य मुद्दे पर की जाए, लेकिन इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर नहीं।