जीरकपुर, डेराबस्सी व लालड़ू में नए फीडर और ट्रांसमिशन लाइनें, उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर आपूर्ति
जीरकपुर 05 March : आगामी गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। इसके तहत नए फीडर, ट्रांसमिशन लाइनें और ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं, ताकि गर्मियों में उपभोक्ताओं को बिना बाधा बिजली मिल सके।
पावरकॉम डिवीजन जीरकपुर के एसई अमनदीप सिंह गिल ने बताया कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए मोहाली सर्कल का पुनर्गठन कर नया सर्कल बनाया गया है। पहले जीरकपुर, लालड़ू और डेराबस्सी क्षेत्र मोहाली सर्कल के अधीन आते थे, जहां ट्रैफिक और दूरी के कारण लोगों को पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता था। अब नए सर्कल बनने से उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि बिजली बिल न मिलने की समस्या को देखते हुए विभाग ने नया बिलिंग सॉफ्टवेयर शुरू किया है। शुरुआती दौर में कुछ तकनीकी दिक्कतें आई हैं, जिन्हें जल्द दूर किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि अगले एक महीने के भीतर बिलिंग से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा और उपभोक्ताओं को सही मीटर रीडिंग के आधार पर बिल मिलेंगे।
एसई गिल के अनुसार, पिछले साल गर्मियों में आई बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं को देखते हुए इस बार पहले से ही विस्तृत योजना बनाई गई है। जीरकपुर क्षेत्र में करीब 6.5 करोड़ रुपये की लागत से 27 नए फीडर लगाए गए हैं, जिससे बिजली वितरण प्रणाली पर लोड कम हुआ है और आपूर्ति में सुधार होगा।
इसी तरह लालड़ू क्षेत्र में 29 यूएलबी फीडर स्थापित किए गए हैं, जिन पर लगभग 1090.02 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। एचवीडीटी योजना के तहत भी कई ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं, जिनमें 63 केवीए के दो, 100 केवीए के दो और 200 केवीए के दो ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं। इसके अलावा 76 अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर भी लगाए गए हैं, जिन पर करीब 181.2 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी बड़े स्तर पर कार्य किया गया है। 66 केवी भबात–टी-2 लाइन को 20 एमएम² से बढ़ाकर 31.5 एमएम² किया गया है, जिस पर 270.23 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसी प्रकार 66 केवी बलटाना–टी-1 लाइन को भी अपग्रेड किया गया है, जबकि 66 केवी रामगढ़ भुड्डा लाइन पर 469.41 लाख रुपये की लागत से काम हुआ है।
इसके अलावा 220 केवी सैदपुरा–मुबारिकपुर (सर्किट-1 और 2) लाइन पर 786.72 लाख रुपये तथा 66 केवी मुबारिकपुर–ढकोली लाइन पर 30.46 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। 220 केवी बनूड़–भबात (सर्किट-1 और 2) लाइन पर प्रति सर्किट 890.56 लाख रुपये की लागत से कार्य किया गया है। साथ ही ढकोली ग्रिड की क्षमता बढ़ाकर 20 एमवीए कर दी गई है, जिस पर लगभग 409.41 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
उन्होंने बताया कि सर्दियों के दौरान विभाग द्वारा मरम्मत और सिस्टम अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है, ताकि गर्मियों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो। जिन क्षेत्रों में मरम्मत के कारण फीडर बंद किए जाते हैं, वहां उपभोक्ताओं को पहले ही संदेश के माध्यम से सूचित कर दिया जाता है।
एसई गिल ने बताया कि जीरकपुर क्षेत्र में बढ़ती उपभोक्ता संख्या को देखते हुए नई कमर्शियल सब-डिवीजन भी बनाई जा रही है। पहले पूरे क्षेत्र की बिलिंग एक ही सब-डिवीजन के अधीन थी, लेकिन अब पभात और ढकोली में कमर्शियल-1 और कमर्शियल-2 के नाम से दो अलग-अलग कार्यालय बनाए जाएंगे। साथ ही ढकोली में नया कार्यालय और पभात ग्रिड में नई इमारत व कार्यालय परिसर बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और पावर मंत्री के निर्देशानुसार बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है और विभाग का लक्ष्य है कि हर सोसायटी और हर उपभोक्ता तक बेहतर व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।