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चंडीगढ़ 05 March : पंजाब में 19 वर्षीय छात्र की कथित फर्जी मुठभेड़ में मौत के मामले के बीच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर पिछले दो वर्षों के दौरान उन सभी मामलों का विस्तृत ब्योरा मांगा है, जिनमें पुलिस हिरासत से भागने के दौरान आरोपी मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए। यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में मांग की गई है कि ऐसे मामलों में संवैधानिक सुरक्षा उपायों और कानूनी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। याचिकाकर्ता निखिल सराफ ने अदालत से आग्रह किया है कि राज्य सरकार पिछले दो वर्षों में पुलिस हिरासत में रहते हुए या हिरासत से भागने के तुरंत बाद मारे गए अथवा घायल हुए आरोपियों की कुल संख्या और उससे जुड़े मामलों का पूरा विवरण पेश करे। याचिका में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा “पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम महाराष्ट्र राज्य” मामले में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर जो दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, उनके पालन की स्थिति भी स्पष्ट की जाए। इन दिशा-निर्देशों के तहत मुठभेड़ के मामलों में स्वतंत्र जांच, पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य माना गया है। इसके अलावा याचिका में मांग की गई है कि जिन पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी में आरोपी हिरासत से भागने के मामले सामने आए हैं, उनके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का विवरण भी अदालत को दिया जाए। साथ ही अदालत से यह भी आग्रह किया गया है कि यदि किसी अधिकारी ने कथित तौर पर फर्जी मुठभेड़ के आदेश दिए हैं या ऐसे अवैध आदेशों को लागू किया है तो उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।