Uturn Time
Breaking
सुबह-सुबह 8 से 10 गाड़ियों में पहुंची सेंट्रल जीएसटी की टीमें, सुधीर फोर्जिंग में दस्तावेजों की जांच शुरू Chandigarh: हरियाणा में आयुष सेवाओं को मिलेगा विस्तार, हिसार आयुष अस्पताल अगस्त 2026 तक होगा शुरू Shimla: हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 5,600 से अधिक पदों पर होगी भर्ती; आशा वर्करों और शिक्षकों को भी राहत Chandigarh: हरियाणा में लर्निंग लाइसेंस के नियम बदले, अब पहले सीखनी होगी सेफ ड्राइविंग और फर्स्ट एड New Delhi: दिल्ली प्रदर्शन में 65 लोग घायल, आरएमएल अस्पताल में भर्ती; पुलिसकर्मी भी शामिल New Delhi: भारत और बेनिन मिलकर मजबूत करेंगे चुनाव प्रबंधन व्यवस्था, निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण पर बनी सहमति New Delhi: राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ New Delhi: राष्ट्रपति मुर्मु की मोल्दोवा यात्रा: कृषि, एआई और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति Kolkata: दिल्ली छात्र आंदोलन पर ममता का केंद्र पर हमला, बोलीं- लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद होना चाहिए Chandigarh: 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे अमृतपाल सिंह, 'वारिस पंजाब दे' ने सीएम चेहरा घोषित किया Mohali: एयरोट्रोपोलिस विस्तार के लिए 3,523 एकड़ भूमि अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी, किसानों को मिलेंगे 23,457 करोड़ रुपये Chandigarh: बेअदबी केस में एसआईटी के सामने पेश हुए सुखबीर बादल, बोले- जांच में करूंगा पूरा सहयोग
Logo
Uturn Time
नवीन गोगना नई दिल्ली, 2 मार्च / युटर्न : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों के भड़काऊ बयानों पर नजर रखें, जो ईरान पर इजराइल-अमेरिका के हमले के बाद हिंसा का कारण बन सकते हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को सभी राज्यों को भेजे गए पत्र में मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चरमपंथियों तथा वैश्विक आतंकवादी समूहों के सोशल मीडिया खातों की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखने को कहा है। मंत्रालय ने राज्यों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि कोई भी कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही सतर्कता बढ़ाने को कहा गया है, क्योंकि वैश्विक घटनाओं का देश में भी असर पड़ सकता है। पत्र में राज्यों से अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित अमेरिका और इजराइल के वाणिज्य दूतावासों, दूतावासों और अन्य राजनयिक कार्यालयों के साथ-साथ दोनों देशों से जुड़ी अन्य संस्थाओं की सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और शांति तथा सद्भाव बनाए रखा जा सके। अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश और शोक जताने के लिए रविवार को भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए थे।