2025 में त्वरित पुलिसिंग, तकनीक और सामुदायिक सहभागिता से कानून-व्यवस्था को मिली मजबूती
अजीत झा.चंडीगढ़।चंडीगढ़ पुलिस ने वर्ष 2025 में अपराध नियंत्रण, नशा विरोधी अभियान, साइबर अपराधों पर सख्त कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस की सक्रिय, खुफिया-आधारित और तकनीक-संचालित रणनीति के चलते गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है, जबकि कई मामलों के निपटारे की दर में भी सुधार हुआ है।
डीजीपी सागर सागरप्रीत हूडा ने बताया की वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में जघन्य अपराधों के मामलों में कमी आई है। हत्या, बलात्कार, अपहरण, डकैती और लूट जैसे अपराधों में कुल 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, वहीं लगभग 88.6 प्रतिशत मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि चंडीगढ़ पुलिस की जांच और रोकथाम की रणनीति प्रभावी रही है।
स्नैचिंग और स्ट्रीट क्राइम पर लगाम
शहर में चेन स्नैचिंग और झपटमारी की घटनाओं में भी बड़ी कमी आई है। वर्ष 2024 में 131 मामलों की तुलना में 2025 में यह संख्या घटकर 100 रह गई, जो लगभग 24 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। इसके पीछे नियमित नाकाबंदी, क्षेत्रीय गश्त और पुराने अपराधियों पर कड़ी निगरानी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
चंडीगढ़ पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 149 मामले दर्ज किए और 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान भारी मात्रा में हेरोइन, कोकीन, चरस, गांजा और अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए। पुलिस ने चार बड़े नशा तस्करों को PIT-NDPS एक्ट के तहत हिरासत में भेजा, जबकि करीब 8.79 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति और ड्रग मनी जब्त की गई।
साइबर अपराधियों पर शिकंजा
साइबर अपराधों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। वर्ष 2025 में 150 साइबर फ्रॉड मामलों में 147 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 11.21 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की राशि को फ्रीज करवाया। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए साइबर अपराधों में शामिल अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का भी भंडाफोड़ किया गया।
आतंक और गैंग मॉड्यूल पर बड़ी कार्रवाई
चंडीगढ़ पुलिस ने आतंकवादी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ भी बड़ी सफलता हासिल की। हैप्पी पासिया आतंकी मॉड्यूल और बब्बर खालसा से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी कर हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए, जिससे संभावित आतंकी घटनाओं को समय रहते रोका गया।
कानून-व्यवस्था और त्वरित रिस्पॉन्स में रिकॉर्ड
पुलिस ने वर्ष 2025 में औसतन 5.6 मिनट का आपातकालीन रिस्पॉन्स टाइम हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, पूरे वर्ष में 2500 से अधिक कानून-व्यवस्था से जुड़े आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
सामुदायिक पुलिसिंग और जागरूकता
नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों को लेकर 1400 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 60 हजार से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए।
वही डीजीपी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में भी अपराध नियंत्रण, नागरिक सुरक्षा और भरोसेमंद पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि शहर को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखा जा सके।