चंडीगढ़/यूटर्न/28 फरवरी। ईरान में कम से कम 40 स्टूडेंट्स की मौत हो गई, और 45 दूसरे घायल हो गए। यह हमला पश्चिम एशियाई देश के खिलाफ उनके ऑपरेशन के हिस्से के तौर पर एक लड़कियों के स्कूल पर इज़राइल और यूएस के मिलकर किए गए हमले में हुआ। यह स्कूल होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में है। शहर में ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक बेस है। हमले वाली जगह से मिले विज़ुअल्स में भारी मात्रा में मलबा और पूरी तरह अफ़रा-तफ़री दिख रही थी। इस हफ़्ते की शुरुआत में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच न्यूक्लियर बातचीत में रुकावट आने के बीच यूएस और इज़राइल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ़ बड़े पैमाने पर मिलकर हमले किए। हालांकि, दोनों डेलीगेशन के अगले हफ़्ते ऑस्ट्रिया के वियना में बातचीत जारी रखने की उम्मीद थी।
ईरान के सरकारी व मिलिट्री स्थानों को बनाया निशाना
अमेरिका के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और इज़राइल के ऑपरेशन रोरिंग लायन ने ईरान में ज़रूरी सरकारी और मिलिट्री जगहों को निशाना बनाया, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का ऑफिस और ईरानी प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन शामिल थे। न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि इन दोनों खास नेताओं को निशाना बनाकर सात मिसाइल हमले किए गए। ज़ोरदार धमाके सुने गए और तस्वीरों में तेहरान और ईरान के कई दूसरे शहरों के आसमान में धुएं का गुबार देखा गया, जो मिलकर किए गए हमलों के बाद हुआ। हालांकि, ईरान ने कहा कि खामेनेई सुरक्षित हैं और उन्हें एक सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया है।
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