चंडीगढ़ 28 Feb : प्लास्टिक के बढ़ते खतरे के खिलाफ एक दृढ़ और अडिग रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ के महापौर श्री सौरभ जोशी ने शहर में पॉलीथिन पर तत्काल और पूर्ण प्रतिबंध लगाने की जोरदार मांग की है। महापौर ने पंजाब के महामहिम राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया जी को पत्र लिखकर बिना किसी विलंब के चंडीगढ़ को “जीरो-पॉलीथिन सिटी” घोषित करने हेतु तत्काल कार्यकारी हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
महापौर जोशी ने कहा कि प्रतिबंधों के बावजूद प्लास्टिक कैरी बैग का अवैध उपयोग और प्रसार लगातार जारी है, जो अब एक सामान्य सफाई का विषय नहीं रह गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह केवल स्वच्छता का मुद्दा नहीं, बल्कि पर्यावरणीय आपातकाल और नैतिक संकट है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अनियंत्रित प्लास्टिक कचरा और कमजोर प्रवर्तन के कारण ‘सिटी ब्यूटीफुल’ की पहचान गंभीर खतरे में है।
गौ माता की पीड़ा का उल्लेख करते हुए महापौर ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कूड़े के ढेरों में पड़ी पॉलीथिन खाने को मजबूर आवारा पशुओं, विशेषकर गौ माता, की स्थिति अत्यंत हृदयविदारक है। प्लास्टिक खाने से आंतों में गंभीर अवरोध, लंबी बीमारी और कई बार दर्दनाक मृत्यु तक हो जाती है। उन्होंने कहा, “गौ माता की रक्षा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता की जिम्मेदारी है। इस मौन क्रूरता को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
महापौर ने शहर के बाहरी गांवों में बिना नियमन चल रहे कबाड़ी एवं स्क्रैप कारोबार पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कचरे के पृथक्करण के दौरान बड़ी मात्रा में प्लास्टिक खुले में बिखर जाता है, जो हवा के साथ खेतों में पहुंचकर मिट्टी की उर्वरता को नष्ट करता है, भूजल को प्रदूषित करता है और ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए गए तो इसका पर्यावरणीय नुकसान अपूरणीय होगा।
महापौर जोशी ने ठोस और निर्णायक कार्रवाई की मांग करते हुए व्यापक योजना प्रस्तावित की है, जिसमें पॉलीथिन के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, स्क्रैप यार्ड्स की अनिवार्य घेराबंदी एवं सख्त निगरानी, कूड़ा संग्रहण स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और कठोर दंड शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवर्तन मजबूत, दृश्यमान और बिना किसी समझौते के होना चाहिए।
महापौर जोशी ने कहा, “चंडीगढ़ को देश का आदर्श शहर बनाने का सपना देखा गया था। यदि हम आज कार्रवाई नहीं करेंगे तो हम अपने पर्यावरण, अपने गांवों और मासूम पशुओं के प्रति अपनी पवित्र जिम्मेदारी से चूक जाएंगे।” उन्होंने स्वच्छ, हरित और संवेदनशील चंडीगढ़ के संकल्प को दोहराते हुए प्रशासन से तत्काल कार्यकारी आदेश जारी कर शहरव्यापी प्रवर्तन और जन-जागरूकता अभियान शुरू करने का आग्रह किया।