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आरोपी विदेश भागने की फिराक मे था
हरियाणा 25 Feb : विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े लगभग 590 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में विजिलेंस/एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले का मास्टरमाइंड बताए जा रहे रिभव ऋषि को विदेश भागने से पहले लुकआउट सर्कुलर जारी कर देर रात गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में IDFC First Bank की सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा के पूर्व ब्रांच हेड रिभव ऋषि, रिलेशनशिप मैनेजर अभय, अभय की पत्नी स्वाति सिंगला तथा उसके भाई अभिषेक सिंगला को हिरासत में लिया गया है। जांच में सामने आया है कि रिभव ऋषि द्वारा बनाई गई कंपनी “स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट” में करीब 300 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। कंपनी में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी स्वाति सिंगला और 25 प्रतिशत हिस्सेदारी अभिषेक सिंगला के नाम पर बताई गई है। स्वाति सिंगला, आरोपी अभय की पत्नी हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, कई सरकारी विंग्स के बैंक खातों से फंड के गबन की आशंका जताई गई है। यह मामला हरियाणा सरकार के निर्देशों के बाद दर्ज किया गया, जब पंचायत विभाग की जांच में वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। जानकारी के मुताबिक, संबंधित धनराशि AU Small Finance Bank, मोहाली तथा सेक्टर-32 चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में जमा थी। अधिकारियों को तब संदेह हुआ जब पंचकूला से संबंधित विभागों की राशि अन्य टेरिटरी की शाखाओं में ट्रांसफर पाई गई। एसीबी के महानिदेशक डॉ. अशिंदर सिंह चावला के अनुसार, रिभव ऋषि और अभय ने करीब छह महीने पहले बैंक से इस्तीफा दे दिया था। विजिलेंस ने दोनों मुख्य आरोपियों के 14 दिन के पुलिस रिमांड की मांग की थी, हालांकि अदालत ने 7 दिन का रिमांड मंजूर किया है। शाखाओं से ट्रांसफर की गई रकम की विस्तृत स्टेटमेंट खंगाली जा रही है। सूत्रों के अनुसार, बैंक ने कथित गबन की पूरी राशि वापस कर दी है। कुल गबन राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, इसलिए अधिकारी हरियाणा सरकार के हिस्से और अन्य विभागों की सटीक राशि का मिलान कर रहे हैं। मामले की जांच जारी है और विजिलेंस अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों व लेनदेन की कड़ियों की पड़ताल कर रही है। और इसमें और भी बड़े खुलासे होने की आशंका जताई जा रही है