Uturn Time
Breaking
Panipat: 17 जुलाई के शुभारंभ मुहूर्त पर विवाद, आचार्य ने वैदिक परंपराओं का हवाला दिया Chandigarh: पंजाब में एसआईआर अभियान को रफ्तार, दो दिन के विशेष शिविरों में 30 लाख से अधिक गणना प्रपत्र जमा New Delhi: वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी टूरिस्ट बोट पलटी, कंपनी ट्रिप पर गए 15 लोगों की मौत New Delhi: नए वोटर पंजीकरण नियमों में बदलाव, परिवार की पुरानी वोटर एंट्री की जानकारी भी मांगेगा फॉर्म-6 Amritsar: पंजाब में कमजोर पड़ा मानसून, अगले चार दिन हल्की बारिश के ही आसार Chandigarh: पंजाब के हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनी सहारा, 2.31 लाख से अधिक शिकायतें पहुंचीं Chandigarh: पंजाब में अब साइन बोर्ड पर पंजाबी होगी सबसे ऊपर, सरकार ने दिए सख्त पालन के निर्देश Chandigarh: BLO ड्यूटी के लिए छुट्टी वाले दिन खुले स्कूल, कर्मचारियों ने उठाया एवजी अवकाश का मुद्दा Tarn Taran: पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई 55 करोड़ की हेरोइन बरामद, तरनतारन में BSF-पुलिस का बड़ा ऑपरेशन New Delhi: कल से यूरोप दौरे पर जाएंगे पीयूष गोयल, व्यापार, निवेश और भारत-ईयू एफटीए पर होगी अहम बातचीत New Delhi: शिलांग में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन, ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों पर होगा मंथन Dehradun: 'भविष्य के युद्ध तकनीक और संयुक्त सैन्य शक्ति से जीते जाएंगे' : पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान
Logo
Uturn Time
लुधियाना 23 Feb । पंजाब सरकार और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में ग्लाडा (GLADA) द्वारा पिछले सात महीनों से अलॉटियों और कॉलोनाइज़रों से बकाया राशि की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। मिल्कियत कार्यालय के अनुसार जुलाई 2025 से 20 फरवरी 2026 तक विभिन्न मदों के तहत लगभग 186 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की गई, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक है। इस दौरान पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई अमनैस्टी स्कीम के तहत अलॉटियों को पुराने बकायों पर लगने वाले ब्याज और नॉन-कंस्ट्रक्शन शुल्क में छूट दी गई। यह योजना अब पुनः लागू कर दी गई है और 31 मार्च 2026 तक जारी रहेगी। अलॉटियों की ओर से इस स्कीम को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इसके अतिरिक्त कॉलोनाइज़रों और विभिन्न प्रोजेक्टों से ईडीसी (EDC) के रूप में करीब 191 करोड़ रुपये तथा लाइसेंस फीस के रूप में लगभग 25 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो बजट लक्ष्य से अधिक है। अवैध कॉलोनियों के प्लॉटों और भवनों को नियमित कर एनओसी जारी करने से भी लगभग 7 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। अधिकारियों ने इन उपलब्धियों का श्रेय उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन और प्रभावी कार्यप्रणाली को दिया है।