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चंडीगढ़ नगर निगम का अब तक का सबसे तकनीक-केंद्रित बजट - Uturn Time
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AI गवर्नेंस से लेकर 2047 के विजन तक, 1,712 करोड़ से बदलेगा शहर का स्वरूप
अजीत झा. चंडीगढ़ 17 Feb । नगर निगम चंडीगढ़ ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 1,712 करोड़ रुपये का बजट पेश कर शहर के प्रशासन और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने का संकेत दिया है। भाजपा मेयर सौरभ जोशी द्वारा पेश इस बजट को चंडीगढ़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित, पारदर्शी और आत्मनिर्भर शहर बनाने की रूपरेखा के तौर पर देखा जा रहा है। प्रस्तावित बजट में 1,102 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 610 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं। निगम को वर्ष 2026–27 में कुल 1,726 करोड़ रुपये की प्राप्तियों का अनुमान है, जिसमें 461 करोड़ रुपये निगम की अपनी आय से जुटाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे नगर निगम की वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। AI और डिजिटल सिस्टम पर बड़ा दांव निगम ने स्मार्ट गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए एआई और आईटी अपग्रेडेशन पर 10 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत स्मार्ट सिंगल विंडो सिस्टम, डिजिटल फाइल ट्रैकिंग, एआई आधारित शिकायत निवारण, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट मॉनिटरिंग और ऑनलाइन बिलिंग-पेमेंट जैसी सुविधाएं लागू की जाएंगी, जिससे नागरिक सेवाएं तेज और पारदर्शी बनेंगी। इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार बजट में बुनियादी ढांचे पर खास जोर दिया गया है। • सड़कों और स्मार्ट पार्किंग के लिए 140 करोड़ रुपये • जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने को 61.75 करोड़ • स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज के लिए 50 करोड़ • सीवरेज सिस्टम पर 44.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा फायर सर्विसेज के आधुनिकीकरण और V4 “स्ट्रीट फॉर पीपल” परियोजना के विस्तार की योजना भी शामिल है। स्वच्छता, हरियाली और जीरो वेस्ट लक्ष्य ‘जीरो वेस्ट चंडीगढ़’ की दिशा में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 32.50 करोड़ रुपये रखे गए हैं। लैंडस्केपिंग और ग्रीन एरिया विस्तार के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एआई आधारित वेस्ट ट्रैकिंग और वेस्ट-टू-एनर्जी मॉडल को भी और प्रभावी बनाने की योजना है। कमाई बढ़ाने पर फोकस नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स पर वन टाइम सेटलमेंट स्कीम, डिजिटल टैक्स कलेक्शन सिस्टम, स्मार्ट पार्किंग रेवेन्यू मॉडल और म्युनिसिपल प्रॉपर्टीज के बेहतर व्यावसायिक उपयोग की रणनीति बनाई है। डिजिटल एडवर्टाइजमेंट पॉलिसी भी लागू की जाएगी। PPP मॉडल से विकास कम लागत में आधुनिक सुविधाएं देने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत मल्टीलेवल पार्किंग, कम्युनिटी सेंटर, ईवी चार्जिंग स्टेशन, ग्रीन बेल्ट, थीम गार्डन और व्यावसायिक ढांचा विकसित करने की योजना है। वार्ड और कमजोर वर्ग प्राथमिकता में वार्ड डेवलपमेंट फंड के लिए 30.80 करोड़ रुपये तय किए गए हैं, जिससे प्रत्येक वार्ड को 80 लाख रुपये मिलेंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सुविधाओं पर 14.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 2047 का रोडमैप नगर निगम का विजन है कि वर्ष 2047 तक चंडीगढ़ पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और आत्मनिर्भर प्रशासन वाला शहर बने, जहां विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे। यह बजट उसी दीर्घकालिक लक्ष्य की नींव माना जा रहा है, हालांकि इसे अंतिम रूप से सदन की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।