₹70.55 करोड़ की लागत से एक वर्ष में होगा निर्माण; दिल्ली–अंबाला तीसरी-चौथी लाइन परियोजना को भी मिली मंजूरी*
लुधियाना, 16 फरवरी** — मालवा क्षेत्र और पंजाब की राजधानी के बीच यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लेवल क्रॉसिंग संख्या 164एबी, दोराहा पर चार लेन रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का शिलान्यास किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री (रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग) रवनीत सिंह बिट्टू ने परियोजना की आधारशिला रखते हुए कहा कि यह निर्माण क्षेत्र के लोगों को वर्षों पुरानी जाम की समस्या से राहत दिलाएगा।
करीब ₹70.55 करोड़ की लागत से बनने वाले इस आरओबी को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 190 ट्रेनें गुजरती हैं, जिसके कारण फाटक बार-बार बंद रहता है और 3,000 से अधिक वाहनों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। आरओबी बनने से यातायात निर्बाध होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि पंजाब में रेलवे अवसंरचना के विकास के लिए धन की कमी नहीं है। राज्य में 166 स्थानों पर आरओबी, आरयूबी और लो हाइट सबवे के कार्य ₹1,480 करोड़ से अधिक की लागत से प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि राज्य का वार्षिक रेलवे बजट 2009–14 की तुलना में 25 गुना बढ़कर ₹5,673 करोड़ हो गया है और वर्तमान में ₹26,382 करोड़ की परियोजनाएं चल रही हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 30 स्टेशनों का ₹1,311 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। साथ ही, दिल्ली–अंबाला खंड पर 194 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण से यात्री और माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस परियोजना से प्रतिवर्ष 24.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन, 43 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी और ₹952 करोड़ की लॉजिस्टिक बचत का अनुमान है। निर्माण कार्य के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी होगा।