Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlinkchambery porn주소모음
लोकल बॉडी मंत्री के अपने शहर में ही ‘स्पेशल असिस्टेंस फंड’ पर ब्रेक, - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Panipat: 17 जुलाई के शुभारंभ मुहूर्त पर विवाद, आचार्य ने वैदिक परंपराओं का हवाला दिया Chandigarh: पंजाब में एसआईआर अभियान को रफ्तार, दो दिन के विशेष शिविरों में 30 लाख से अधिक गणना प्रपत्र जमा New Delhi: वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी टूरिस्ट बोट पलटी, कंपनी ट्रिप पर गए 15 लोगों की मौत New Delhi: नए वोटर पंजीकरण नियमों में बदलाव, परिवार की पुरानी वोटर एंट्री की जानकारी भी मांगेगा फॉर्म-6 Amritsar: पंजाब में कमजोर पड़ा मानसून, अगले चार दिन हल्की बारिश के ही आसार Chandigarh: पंजाब के हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनी सहारा, 2.31 लाख से अधिक शिकायतें पहुंचीं Chandigarh: पंजाब में अब साइन बोर्ड पर पंजाबी होगी सबसे ऊपर, सरकार ने दिए सख्त पालन के निर्देश Chandigarh: BLO ड्यूटी के लिए छुट्टी वाले दिन खुले स्कूल, कर्मचारियों ने उठाया एवजी अवकाश का मुद्दा Tarn Taran: पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई 55 करोड़ की हेरोइन बरामद, तरनतारन में BSF-पुलिस का बड़ा ऑपरेशन New Delhi: कल से यूरोप दौरे पर जाएंगे पीयूष गोयल, व्यापार, निवेश और भारत-ईयू एफटीए पर होगी अहम बातचीत New Delhi: शिलांग में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन, ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों पर होगा मंथन Dehradun: 'भविष्य के युद्ध तकनीक और संयुक्त सैन्य शक्ति से जीते जाएंगे' : पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान
Logo
Uturn Time
लोकल बॉडी मंत्री के अपने शहर में ही ‘स्पेशल असिस्टेंस फंड’ पर ब्रेक,

निगम के 135 करोड़ के टेंडर ठंडे बस्ते में — शहर रह जाएगा विकास कार्यों से महरूम ?
लुधियाना, 16 फरवरी। केंद्र सरकार से मिले 300 करोड़ रुपये के स्पेशल असिस्टेंस फंड में से लुधियाना नगर निगम को आवंटित हिस्से पर ही अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। करीब 135 करोड़ रुपये के टेंडर वर्क ऑर्डर के इंतजार में अटके पड़े हैं। फंड की उपयोगिता पर उठते सवालों और संभावित वापसी की चर्चाओं ने निगम के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इसका मुख्य कारण कोई और नहीं बल्कि निगम की इलैक्टेड बॉडी और भ्र्ष्ट अधिकारीयों का निजी ग्लोरिफिकेशन को तवज्जों देना है। विडंबना यह है कि लोकल बॉडी मंत्री संजीव अरोड़ा जहां राज्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश का केंद्र बनाने में सक्रिय हैं, वहीं उनके अपने शहर में विकास कार्य कागजों से बाहर नहीं निकल पा रहे। जानकारी अनुसार केंद्र सरकार द्वारा जारी 1000 करोड़ रुपये के स्पेशल असिस्टेंस फंड में से पंजाब को 300 करोड़ रुपये की पहली किश्त मिल चुकी है। जबकि बकाया 700 करोड़ की राशि पहली किश्त की उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) भेजे जाने के बाद ही जारी होगी। ऐसे में कम समय में इतनी बड़ी राशि का इस्तेमाल हो पाएगा या नहीं इसे लेकर भी घबराहट पैदा हो रही है लैस बढ़ाने की आढ़ में ये कौन सा खेल ? चर्चाओं की माने तो सोमवार को मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर , सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर और डिप्टी मेयर प्रिंस जोहर द्वारा ठेकेदारों के साथ बैठकों में कथित तौर पर टेंडरों में पहले से दी गई 4 से 12 प्रतिशत ‘लेस’ के बावजूद और अधिक कटौती ( लेस )का दबाव बनाया गया। ठेकेदारों ने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए इंकार कर दिया। चर्चा है की वास्तव में लैस के दबाव की आढ़ में कोई और ही खेल खेला जा रहा। एस्टीमेट से कम कीमत तो ठेकेदारों पर लेस का दबाव गलत जबकि एक्सपर्ट्स की माने तो कानूनन टेंडर के एस्टीमेट से कम कीमत पर बिड आने पर ठेकेदारों पर लेस बढ़ाने का दबाव नहीं डाला जा सकता। जानकारी के मुताबिक 14 टेंडर खोले जा चुके हैं जिनपर पहले से दी गई 4 से 12 प्रतिशत ‘लेस’ के साथ बिड की गई है उधर 11 फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी में लंबित हैं, जबकि 6 आपसी विवादों में फंसे हैं। अन्य शहरों में 80 % काम शुरू उधर स्पेशल अस्सिस्टेंस फंड के तहत अन्य शहरों में अलाट हुए टेंडरों के 80 % से ज्यादा काम शुरू हो चुके है । ऐसे में अगर तुरंत वर्क आर्डर जारी कर काम शुरू नहीं हुआ तो लुधियाना का फंड किसी और शहर को शिफ्ट हो कर वहां लगे दिया जाएगा। सब की निगाहे मंत्री अरोड़ा पर टिक्की है सिर्फ 2% लैस पर अलाट हुआ गोबर लिफ्टिंग का 33 करोड़ का टेंडर चर्चाओं की माने तो पिछले दिनों निगम द्वारा गोबर लिफ्टिंग का 33 करोड़ का सिंगल टेंडर केवल 2 % लैस पर अलाट कर दिया गया। जबकि देश के कई राज्यों में नगर निगम गोबर उठवाने के लिए ठेकेदारों से पैसे चार्ज कर राजस्व बढ़ाती है। लेकिन मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर द्वारा गोबर ठेकेदार पर लिफ्टिंग टेंडर में लैस को 2 % से बढ़ा कर 20 से 25 % करने का दबाव क्यों बनाया गया। लोकल बॉडी के दोनों विभागों के अलग अलग माप दंड क्यों इसी प्रकार लोकल बॉडी के अन्य विभाग जबकि इम्प्रूवमेंट में सड़कों का । 5 करोड़ का टेंडर 2 % लैस पर अलाट हुआ है । हैरानी जनक बात यह है की लोक बॉडी के दोनों विभागों के अलग अलग पैमाने क्यों ? लोगों में चर्चा है की क्या लोकल बॉडी मंत्री मामले में हस्तक्षेप कर तुरंत काम शुरू करवा पाएंगे या स्थानीय नेताओं की सैल्फ ग्लोरिफिकेशन शहर वासियों को भारी पड़ेगी