चंडीगढ़, 28 दिसंबर — मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वर्ष 2025 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। प्राथमिक देखभाल से लेकर उन्नत तृतीयक उपचार तक, राज्य ने सुलभ, किफायती और आधुनिक स्वास्थ्य ढांचा खड़ा करते हुए नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि 881 आम आदमी क्लीनिकों में अब तक 4.59 करोड़ से अधिक मरीजों ने उपचार लिया है, जिनमें 1.59 करोड़ यूनिक मरीज शामिल हैं। इन क्लीनिकों में 107 दवाइयाँ और 47 जांचें पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध हैं, जबकि 235 नए क्लीनिक प्रगति पर हैं।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रति परिवार वार्षिक कवरेज को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है, जिससे पंजाब देश का पहला राज्य बनेगा जहाँ हर परिवार को 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा। आवश्यक दवाओं की सूची 360 तक बढ़ाई गई है और अप्रैल 2025 से अब तक 104 करोड़ रुपये से अधिक की दवाइयों की खरीद की गई है।
चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में मोहाली स्थित पीआईएलबीएस में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा में पहली सफल लीवर ट्रांसप्लांट सर्जरी की गई। साथ ही, अमृतसर, पटियाला, मोहाली, फरीदकोट और न्यू चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाई गई हैं।
‘सीएम की योगशाला’ पहल से करीब 6 लाख लोगों को लाभ मिला है, जबकि डेंगू के खिलाफ अभियान से मामलों में 70% और मौतों में 90% तक कमी आई है। स्टेमी और स्ट्रोक परियोजनाओं के तहत हृदयाघात व स्ट्रोक मरीजों को महंगे इंजेक्शन और उपचार मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार एक मजबूत, समावेशी और भविष्य-तैयार स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।