अमृतसर/यूटर्न/15 फरवरी। पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन कर शादी करने वाली सरबजीत कौर उर्फ नूर फातिमा के वकील अहमद हसन पाशा का एक बड़ा बयान सामने आया है। उसने कहा है कि जो भी सिख महिला अपना धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर रही है, वह उसकी बहन के समान है। सरबजीत कौर को शेल्टर होम से निकालने में मदद करने वाले वकील हसन को पिछले दिनों सरबजीत कौर ने अपना भाई बताया था। इसके बाद पाकिस्तानी मीडिया ने हसन से सवाल किया कि जब सरबजीत ने उसे भाई कहा है तो उसने भाई का किरदार कैसे निभाया? इस सवाल के जवाब में हसन ने कहा- जब कोई अपना मजहब छोड़कर इस्लाम में आ रहा है, तो मैं उसे बहन क्यों न कहूं? अगर 200 सिख महिलाएं भी इस्लाम कबूल कर लें, तो वे सभी मेरी बहनें हैं।
कौन है वकील हसन पाशा, जिसे सरबजीत ने भाई कहा
सरबजीत कौर ने जब पाकिस्तान में नासिर हुसैन नाम के व्यक्ति के साथ निकाह कर लेने का खुलासा किया तो उसे पाकिस्तान में पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। लोगों ने उसकी गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर सरबजीत को शेल्टर होम भेज दिया था। वकील हसन पाशा ने कानूनी तौर पर सरबजीत और नासिर हुसैन का निकाह कराया था। इसके बाद कोर्ट में भी सरबजीत को डिफेंड करने वाला वकील हसन पाशा ही था। उसने सरबजीत का केस लड़कर उसे शेल्टर होम से निकलवाया। इसके बाद ही सरबजीत ने उसने अपना भाई कहा।
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