Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
इस्लामाबाद / चंडीगढ़: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल संज्ञान लिया है कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की दाहिनी आंख की लगभग 85% रोशनी चली गई है। मेडिकल डिटेल्स के अनुसार अब उनकी दाहिनी आंख में सिर्फ़ 15% ही रोशनी बची है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है, जो उनकी आंख की पूरी जांच करेगा और एक रिपोर्ट निर्धारित समय में पेश करेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जेल में बंद लोगों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, चाहे उन पर किसी भी तरह के आरोप क्यों न हों। कानूनी टीम ने बताया कि खान की नज़र पिछले साल तक सामान्य थी, लेकिन बाद में दाहिनी आंख में धुंधलापन और रोशनी कम होने की शिकायतें बढ़ गईं। सरकारी अस्पताल में स्पेशलिस्ट ने बताया कि आंख में खून का थक्का जम गया है, और इंजेक्शन सहित इलाज के बावजूद नुकसान गंभीर है। खान के परिवार ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज न मिलने से यह नुकसान हुआ। सरकार ने कोर्ट में कहा कि खान को जेल के नियमों के अनुसार सही मेडिकल देखभाल मिल रही है। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम राजनीतिक कैदियों के अधिकार और उनके लिए मेडिकल देखभाल की संवैधानिक ज़िम्मेदारी को दर्शाता है और मामले को गंभीरता से लेने का संकेत देता है।