लुधियाना 12 Feb : नगर निगम की कमान संभालते ही नवनियुक्त कमिश्नर आईएएस डॉ. नीरू कत्याल गुप्ता ने निगम की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने का बिगुल फूंक दिया है। एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य फोकस ई-ऑफिस (e-Office) को सशक्त बनाना है ताकि आम जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
हाइलाइट्स: स्मार्ट गवर्नेंस की ओर बढ़ते कदम
1 करोड़ का डिजिटल निवेश: निगम हाउस की बैठकों को हाई-टेक बनाने के लिए करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से आई-पैड (iPads) खरीदने की मंजूरी दी गई है।
95 पार्षदों को मिलेगी सौगात: लुधियाना के सभी 95 वार्डों के पार्षदों और संबंधित स्टाफ को ये आई-पैड दिए जाएंगे, जिससे सदन का एजेंडा अब 'पेपरलेस' तरीके से साझा होगा।
फाइल ट्रैकिंग सिस्टम: 'ई-निगम' पोर्टल के तहत अब फाइलें ऑनलाइन मूव होंगी। इससे किसी भी स्तर पर होने वाली देरी की जवाबदेही तय होगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
अवैध निर्माणों पर 'जीरो टॉलरेंस'
कमिश्नर डॉ. नीरू कत्याल ने बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब हर वीरवार को एटीपी (ATP) और बिल्डिंग इंस्पेक्टर्स के साथ विशेष समीक्षा बैठक होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध कॉलोनियों के निर्माण में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। जोन-A में अवैध निर्माण की शिकायतों पर तत्काल रिपोर्ट तलब की गई है।
पारदर्शिता और गोपनीयता पर जोर
कमिश्नर ने बताया कि डिजिटल प्रणाली से न केवल कागजों की बर्बादी रुकेगी, बल्कि सदन की गोपनीयता (Secrecy) भी मजबूत होगी। केवल तकनीकी रूप से जटिल फाइलों को ही भौतिक रूप (Physical mode) में लाया जाएगा, बाकी सारा काम क्लाउड-बेस्ड सिस्टम पर होगा।
"हमारा लक्ष्य लुधियाना को एक ऐसा सिस्टम देना है जहाँ फाइलें नहीं, बल्कि काम दौड़ें। ई-ऑफिस से जनता की समस्याओं का निपटारा अब रियल-टाइम में संभव हो सकेगा।" — डॉ. नीरू कत्याल गुप्ता, कमिश्नर, नगर निगम लुधियाना