अजीत झा.
चंडीगढ़ 10 Feb : चंडीगढ़ नगर निगम (एमसी) की ओर से मंगलवार को सेक्टर-40A स्थित सामुदायिक केंद्र में होम कम्पोस्टिंग पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य घरों में उत्पन्न होने वाले गीले कचरे के प्रबंधन को बढ़ावा देना और नागरिकों को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा, ताकि शहर को स्वच्छ और हरित बनाया जा सके।
इस कार्यशाला में नागरिकों को घरेलू स्तर पर गीले कचरे को खाद में बदलने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इससे कचरा संग्रहण प्रणाली और लैंडफिल साइटों पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में नगर निगम स्पेशल कमिशनर प्रदीप कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद गुरबक्स रावत तथा संयुक्त आयुक्त हिमांशु गुप्ता भी मौजूद रहे।
आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने कार्यशाला में भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और घरेलू कम्पोस्टिंग के व्यावहारिक तरीकों पर सक्रिय चर्चा की। विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं प्रभावी कम्पोस्टिंग तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिससे नागरिकों को अपने घरों में इसे अपनाने के लिए प्रेरणा मिली।
सभा को संबोधित करते हुए विशेष आयुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में नागरिकों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से स्रोत पर ही कचरा अलग-अलग करने और घरेलू कम्पोस्टिंग अपनाने की अपील की, ताकि चंडीगढ़ को स्वच्छ और हरित बनाया जा सके।
वहीं क्षेत्रीय पार्षद गुरबक्स रावत ने नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी निभाने और दूसरों को भी सतत कचरा प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यशाला का समापन नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ हुआ। इस दौरान लोगों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ठोस कचरा प्रबंधन में चंडीगढ़ को एक आदर्श शहर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।