चंडीगढ़ में प्रदर्शन, माफी न मिलने पर सड़कों पर उतरी आम आदमी पार्टी
अजीत झा.
चंडीगढ़ 09 Feb : दलित नेताओं को लेकर कांग्रेस के कथित अपमानजनक बयानों के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में जोरदार विरोध दर्ज कराया। पार्टी ने कांग्रेस पर सीधे तौर पर दलित समाज के प्रति असंवेदनशील और भेदभावपूर्ण सोच रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व बार-बार अपने बयानों से अपनी मानसिकता उजागर कर चुका है।
24 घंटे का अल्टीमेटम, फिर प्रदर्शन
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कुछ दिन पहले कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज़ जताते हुए 24 घंटे में माफी की मांग की थी। तय समय बीतने के बावजूद जब कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तो आम आदमी पार्टी ने सोमवार को चंडीगढ़ में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।आप कार्यकर्ता बैंड-बाजा के साथ मार्च करते हुए कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल भी करना पड़ा।
‘यह व्यक्ति नहीं, पूरे समाज का अपमान है’
प्रदर्शन के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियां किसी एक मंत्री या व्यक्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उनकी पहचान, पेशे और पूरे दलित समुदाय का मज़ाक उड़ाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित नेतृत्व को स्वीकार करने में आज भी असहज महसूस करती है।
विवादों की लंबी फेहरिस्त
आप नेताओं ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस दलित समाज को लेकर विवादों में घिरी हो।पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग द्वारा एक दलित मंत्री को कथित तौर पर धमकी देने का आरोप |नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की टिप्पणी और कांग्रेस के अंदर ही दलित प्रतिनिधित्व को लेकर उठते सवाल | इन सभी घटनाओं को जोड़कर आप ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़े किए।
चन्नी के बयान का भी हवाला
आप ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के उस बयान को भी याद दिलाया, जिसमें उन्होंने अपनी ही पार्टी में दलितों को शीर्ष पदों पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने की बात कही थी। पार्टी का कहना है कि जब कांग्रेस के अंदर से ही ऐसे सवाल उठ रहे हैं, तो स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी हमला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया के ज़रिये कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दलित समाज को लेकर कांग्रेस का रवैया बार-बार सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस में थोड़ी भी नैतिक जिम्मेदारी बची है, तो उसके शीर्ष नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
दलित समाज की नाराज़गी
आप का दावा है कि पंजाब का दलित समाज अब यह महसूस कर रहा है कि कांग्रेस केवल चुनावी जरूरतों के समय उन्हें याद करती है, जबकि सम्मान और भागीदारी के सवाल पर वह पीछे हट जाती है।
पार्टी ने साफ संदेश दिया कि “दलित समाज को दया नहीं, बराबरी और सम्मान चाहिए और यही भरोसा उन्हें आम आदमी पार्टी में दिखाई दे रहा है।