मेजर अली ,संवाद सहयोगी ,
जीरकपुर 09 Feb : शहर के मुख्य बस स्टैंड परिसर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बस स्टैंड की छत पर शराब पीने और पार्टी किए जाने के स्पष्ट सबूत मिलने से यात्रियों और स्थानीय लोगों में भारी रोष है। निरीक्षण के दौरान छत पर शराब की दो बोतलें और चिकन की प्लेट पड़ी मिली, जिससे यह साफ हो गया कि यहां देर रात शराबखोरी की गई है।
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थल पर इस तरह की गतिविधि ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। रोजाना सैकड़ों यात्री, महिलाएं और बच्चे यहां से आवाजाही करते हैं। ऐसे में रात के समय छत पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगना गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय बस स्टैंड परिसर में निगरानी लगभग न के बराबर रहती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग इसे मौज-मस्ती और शराबखोरी का अड्डा बना रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह जब कर्मचारी और कुछ यात्री छत पर पहुंचे तो वहां शराब की खाली बोतलें और खाने-पीने का सामान पड़ा मिला।
लोगों को आशंका है कि यह गतिविधि पहली बार नहीं हुई, बल्कि काफी समय से चल रही हो सकती है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। घटना ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बस स्टैंड परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद इस तरह की घटनाओं का सामने आना उनकी मॉनिटरिंग पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि रात के समय नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, छत पर जाने के रास्तों को नियंत्रित किया जाए और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के साथ-साथ आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बॉक्स
छत पर रातभर जाम, पार्टी और हुड़दंग
सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड की छत को रात के अंधेरे में शराबखोरी और पार्टी का अड्डा बना लिया गया है। यहां खुलेआम शराब पीने के साथ देर रात तक शोर-शराबा और हुड़दंग होता है। आसपास के लोगों का कहना है कि कई बार रात में तेज आवाज में बातचीत, हंसी-ठिठोली और संदिग्ध गतिविधियों की आवाजें सुनाई देती हैं, लेकिन सुरक्षा के अभाव में कोई रोकने-टोकने वाला नहीं होता। खाली शराब की बोतलें और चिकन सहित खाद्य सामग्री के अवशेष इस बात की पुष्टि करते हैं कि यहां बाकायदा जश्न मनाया जाता है।