बडगाम, 2 फरवरी: सोमवार तड़के जम्मू-कश्मीर में 4.8 तीव्रता का मध्यम स्तर का भूकंप आया, जिससे कई जिलों में लोगों में दहशत फैल गई। यह भूकंप सुबह करीब 5:35 बजे महसूस किया गया। झटके इतने तेज थे कि कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों में इमारतों और घरेलू सामान को हिलते हुए देखा गया।
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र बडगाम जिले में था और इसकी गहराई 10 किलोमीटर रही। भूकंप का केंद्र 33.9° उत्तरी अक्षांश और 74.76° पूर्वी देशांतर पर स्थित बताया गया है।
इस भूकंप के झटके श्रीनगर, पुलवामा, शोपियां और आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। कई लोग नींद से जाग गए और एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए।
कश्मीर वेदर द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, भूकंप के समय केंद्र क्षेत्र में मौसम काफी खराब था। आसमान में बादल छाए हुए थे, तापमान माइनस 0.9 डिग्री सेल्सियस, नमी 95 प्रतिशत और पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा से 1 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हल्की हवा चल रही थी।
अनुमान के मुताबिक, इस भूकंप से लगभग 1 x 10¹² जूल ऊर्जा मुक्त हुई, जो करीब 278 मेगावाट-घंटे या लगभग 239 टन टीएनटी विस्फोट के बराबर है।
हालांकि झटके काफी तेज और डराने वाले थे, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
भूकंप केंद्र के नजदीकी इलाकों में चरार-ए-शरीफ (4 किमी दक्षिण), पुलवामा (13 किमी पूर्व), श्रीनगर (21 किमी उत्तर) और शोपियां (21 किमी दक्षिण) शामिल हैं।
प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है। संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमें और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कश्मीर भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, इसलिए भूकंप से होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए तैयारी और जागरूकता बेहद जरूरी है।