श्रीराम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने अयोध्या में मंदिर निर्माण कार्यों की समीक्षा के बाद बताया कि राम मंदिर परिसर के अधिकांश निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरे होने की उम्मीद है। 30 अक्टूबर तक एलएंडटी और टाटा के कर्मचारी निर्माण कार्य से हट जाएंगे। इसके बाद ऑडिटोरियम और संग्रहालय का काम जारी रहेगा। संग्रहालय की 20 गैलरियों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा, जबकि परिसर की चहारदीवारी दिसंबर तक पूरी होने की संभावना है।
अयोध्या (Naren Danu) : श्रीराम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर में अधिकांश निर्माण कार्य अगले महीने 30 सितंबर तक पूरे होने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण से जुड़े कुछ चुनिंदा कार्य ही शेष रहेंगे।
तीन दिवसीय अयोध्या दौरे पर पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा ने बुधवार शाम निर्माण समिति की बैठक की। गुरुवार सुबह सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों की प्रगति, एजेंसियों के भुगतान और लंबित कामों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई है।
मिश्रा के अनुसार, 30 अक्टूबर तक एलएंडटी और टाटा के कर्मचारी निर्माण कार्यों से हट जाएंगे। इसके बाद मुख्य रूप से ऑडिटोरियम और संग्रहालय से संबंधित कार्य जारी रहेंगे।
20 गैलरियों में दिखेगी रामायण की झलक
राम मंदिर परिसर में बनाए जा रहे संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां होंगी। इनमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भगवान राम के जीवन तथा रामायण से जुड़े प्रसंगों का अनुभव कराने की तैयारी है।
गैलरी नंबर-7 में इमर्सिव टेक्नोलॉजी के माध्यम से मंदिर परिसर के दिव्य दर्शन कराने की योजना है। वहीं गैलरी नंबर-17 में भगवान राम के वनगमन और नदियों से जुड़े प्रसंगों को तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
संग्रहालय के निर्माण और तकनीकी पहलुओं में आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। इससे संग्रहालय को आधुनिक और इंटरैक्टिव स्वरूप देने की तैयारी है।
दिसंबर तक चहारदीवारी, सुरक्षा व्यवस्था में लगेंगे दो महीने
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर की चहारदीवारी का काम दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद सुरक्षा उपकरणों की स्थापना में करीब दो महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है।
बैठक में एलएंडटी, टाटा, सोमपुरा समेत विभिन्न निर्माण एजेंसियों से जुड़े कार्यों और भुगतान की भी समीक्षा की गई। समिति का लक्ष्य है कि वर्ष के अंत तक निर्माण से संबंधित कोई महत्वपूर्ण काम लंबित न रहे।