कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक, राम मंदिर चंदा मामले और अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ समेत कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा गया। कांग्रेस ने लोकसभा की 543 सीटें अगले 25 वर्षों तक स्थिर रखने और इसी संख्या के भीतर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग दोहराई। पार्टी ने छात्र संपर्क अभियान और राम मंदिर चंदा मामले को गांव स्तर तक ले जाने का भी फैसला किया।
नई दिल्ली (Naren Danu) : कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की करीब चार घंटे चली बैठक में बुधवार को केंद्र सरकार के खिलाफ कई मोर्चों पर रणनीति तैयार की गई। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से लेकर चीन सीमा विवाद, परिसीमन, राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा मामले और संगठन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी ने शिक्षा सुधार के लिए ठोस योजना बनाने और राम मंदिर चंदा मामले को गांव स्तर तक ले जाने का फैसला किया।
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत सीडब्ल्यूसी के 88 सदस्य, स्थायी एवं विशेष आमंत्रित सदस्य तथा कांग्रेस शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।
छात्रों के मुद्दे पर राज्यों को एक महीने का समय
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद बताया कि देश में छात्रों के बीच बढ़ते असंतोष और लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर सीडब्ल्यूसी ने चिंता जताई है। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत कर एक महीने के भीतर शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में सुधार का खाका तैयार करने को कहा गया है।
राहुल गांधी के छात्र संपर्क अभियान ‘छात्रों की गूंज’ को देश के 800 बड़े और छोटे शहरों तक ले जाने का निर्णय भी लिया गया। राहुल गांधी इनमें से कई कार्यक्रमों में स्वयं हिस्सा लेंगे।
राम मंदिर चंदा मामले को गांव तक ले जाएगी कांग्रेस
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित ‘चंदा चोरी’ मामले को कांग्रेस ने देशव्यापी मुद्दा बनाने का फैसला किया है। वेणुगोपाल ने कहा कि यह मामला लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। पार्टी ने प्रदेश कांग्रेस समितियों को इसे गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
चीन और परिसीमन पर भी सरकार को घेरा
सीडब्ल्यूसी ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ को लेकर केंद्र से जवाब मांगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार चीन के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने में विफल रही है। जयराम रमेश ने विदेश नीति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए लद्दाख में गश्त के अधिकारों और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दे उठाए।
परिसीमन पर कांग्रेस ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को अगले 25 वर्षों तक स्थिर रखने की मांग दोहराई। पार्टी ने कहा कि इसी संख्या के भीतर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए।
खरगे की सभा स्थल के ‘शुद्धिकरण’ पर नाराजगी
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भी सीडब्ल्यूसी ने कड़ी आपत्ति जताई। वेणुगोपाल ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया। सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री से माफी की मांग की।
31 अक्टूबर तक संगठन मजबूत करने का लक्ष्य
बैठक में ‘संगठन सृजन अभियान’ की प्रगति रिपोर्ट भी रखी गई। कांग्रेस ने बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा है।
वहीं, ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस 1937 के सीडब्ल्यूसी प्रस्ताव का पालन करती है। उन्होंने कहा कि उस समय महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर सहित कई प्रमुख नेता मौजूद थे और राष्ट्रगीत के पहले दो अंतरों को गाने का प्रस्ताव स्वीकार किया गया था।