कथित सरकारी फंड घोटाले की जांच का सामना कर रहे रिभव रिषी ने अदालत से नियमित जमानत की मांग की है। पुलिस ने उन्हें 24 फरवरी को गिरफ्तार किया था, जबकि जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने 17 अप्रैल को औपचारिक गिरफ्तारी की। सीबीआई सरकारी धन से जुड़े लेनदेन, रकम के प्रवाह और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। अदालत अब सीबीआई के जवाब के बाद जमानत पर फैसला करेगी।
चंडीगढ़ : 645 करोड़ रुपये के कथित सरकारी फंड घोटाले में मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे रिभव रिषी ने विशेष सीबीआई अदालत में नियमित जमानत याचिका दायर की है। मंगलवार को दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सीबीआई से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अब 17 अगस्त को होगी।
रिभव रिषी चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा का पूर्व ब्रांच मैनेजर बताया जा रहा है। उसकी ओर से अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली तारीख पर सीबीआई के जवाब के बाद दोनों पक्ष अपनी दलीलें पेश करेंगे।
मामले में रिभव रिषी को 24 फरवरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने 17 अप्रैल को रिषी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया था।
सीबीआई इस मामले में सरकारी फंड से जुड़े कथित लेनदेन, रकम के प्रवाह और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। अब रिषी की नियमित जमानत याचिका पर अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं। अगली सुनवाई में सीबीआई के जवाब और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत आगे का निर्णय लेगी।