बोले-सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़े हालात,सरकार ले संज्ञान
होशियारपुर (दलजीत अज्नोहा) : सफाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए शिरोमणि अकाली दल व्यापर विंग के प्रदेश महासचिव धरमिंदर कुमार टोनी ने आप सरकार से जल्द समाधान करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण कर्मचारी हड़ताल करने को मजबूर हो रहे हैं,जिससे प्रदेशभर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा हड़ताल के कारण कामकाजी लोगों,दुकानदारों और बाजार आने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
कई वाहन चालकों को लंबा रास्ता तय करना पड़ा।शहर के अंदरूनी इलाकों में यातायात का दबाव बढ़ने से स्थिति और बिगड़ गई।धरमिंदर टोनी ने साफ किया कि हड़ताल करना कर्मचारीओ की बल्कि मजबूरी है क्योंकि पंजाब के 90 परसेंट सफाई कर्मचारी कच्चे हैं,जो सिर्फ 10 हजार रुपये की मामूली सैलरी पर काम कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण इतने कम वेतन में करमचै परिवारों का गुज़ारा करना बहुत मुश्किल हो गया है।सरकार के वादे पूरे न करने पर अपना विरोध जताते हुए उन्होंने याद दिलाया कि साढ़े 4 साल पहले मौजूदा सरकार इन्हीं सफाई कर्मचारियों के झाड़ू निशान पर वोट मांगकर सत्ता में आई थी।धरमिंदर टोनी ने कहा कि सफाई कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर लेने जैसी मांगें लंबे समय से उठा रहे हैं,लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देकर कर्मचारियों की आजीविका पर संकट खड़ा किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों और शहरों में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर और सड़कों पर बहते सीवर के पानी से जनता नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।धरमिंदर टोनी ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज की वह मजबूत रीढ़ हैं, जिनके परिश्रम और समर्पण से शहरों और गांवों की स्वच्छता,स्वास्थ्य और गरिमा बनी रहती है।वे हर मौसम,हर परिस्थिति और हर चुनौती में निस्वार्थ भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ समाज की कल्पना सफाई कर्मचारियों के बिना अधूरी है।
उन्होंने कहा सफ़ाई कर्मचारी स्वच्छता की रीढ़ की हड्डी होते है।बिना सफाई कर्मचारियों के शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की परिभाषा सार्थक सिद्ध नहीं हो सकती।