मानवता की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता ने एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने सेवा का नया विश्व स्तरीय इतिहास रच दिया है। निश्चित रूप से तय तिथियों पर क्रमिक रक्तदान शिविर लगाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है, परंतु फिर भी 'यूनिवर्सल वेलफेयर क्लब पंजाब' और 'ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन' के 'मिशन लाली और हरियाली' (स्वैच्छिक रक्तदान और पौधरोपण जागरूकता लहर) से जुड़े स्वयंसेवक अपनी सेवा में लगातार डटे हुए हैं।
इन्हीं के प्रयासों के फलस्वरूप थैलेसीमिक बच्चों, कैंसर, डिलीवरी, दुर्घटना और अन्य ऑपरेशनों के रोगियों के लिए रक्त की मांग को पूरा करने हेतु पिछले 14 वर्षों से लगातार हर महीने की 5 और 20 तारीख को ब्लड बैंक, सरकारी राजिंद्रा अस्पताल, पटियाला में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक पहुँचकर रक्तदान किया जाता है। इन शिविरों में 5 मई 2012 से 20 अप्रैल 2026 तक कुल 344 शिविरों में 7488 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिनमें 4 विशेष शिविर तथा लॉकडाउन एवं कर्फ्यू के दौरान लगाए गए 4 आपातकालीन शिविर भी शामिल हैं। रक्तदाताओं को 'डोनर रिटेंशन प्रोग्राम' के तहत 'रिमाइंडर कार्ड' और 'रेगुलर ब्लड डोनर कार्ड' भी बनाकर दिए जाते हैं, जिस पर रक्तदान की वर्तमान तिथि और तीन महीने बाद पुनः रक्तदान करने की तिथि तथा रक्तदान से पहले और बाद में ध्यान रखने योग्य बातें अंकित होती हैं।
उल्लेखनीय है कि 'मिशन लाली और हरियाली' के तहत ब्लड बैंक में आयोजित इन रक्तदान शिविरों के दौरान गुरप्रीत सिंह करणपुर, तरसेम लाल दीवानवाला और संतोष कुमार पटियाला ने 36 बार, अवतार सिंह बलबेड़ा ने 34 बार, गुरतेज सिंह सिउणा ने 32 बार, सुखजीत सिंह बसंतपुरा ने 31 बार, सुखजिंदर सिंह घुम्मन अलीपुर व रविंदर सिंह भांखर ने 28 बार, जरनैल सिंह छाजला, गुरतेज सिंह भट्टीआं व संदीप कुमार पटियाला ने 27 बार, पूर्व डी.एस.पी. नाहर सिंह माजरी, नरेंद्र कुमार वर्मा साहिब नगर थेड़ी, सुनिंदर सिंह सूलर व बलविंदर सिंह अकौत ने 26 बार, नरेंद्र सिंह काठगढ़ (अध्यक्ष, ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन) व एडवोकेट दलजीत सिंह दोदड़ा ने 25 बार, सुखदीप सिंह सोहल ने 24 बार, मनी गोयल पटियाला ने 23 बार, जसवंत सिंह काठगढ़ व बहादुर सिंह ददहेड़ा ने 21वीं बार, गौरव बंसल और योगेश कुमार बलबेड़ा ने 20 बार रक्तदान किया। साथ ही राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित जसवीर कौर मछराए कलां और बलजिंदर कौर पटियाला ने भी इस ऐतिहासिक कार्य में अपना नाम दर्ज करवा लिया है। इनके अतिरिक्त सैकड़ों रक्तदाताओं ने अनेक बार और लगभग 500 स्वयंसेवकों ने पहली बार रक्तदान किया।
बॉक्स: रक्तदान शिविरों के असली हीरो नियमित रक्तदाता: हरदीप सनौर
'मिशन लाली और हरियाली' के संस्थापक एवं 'मास्टर मोटिवेटर' हरदीप सिंह सनौर ने बताया कि पिछले 14 वर्षों से नियमित रक्तदान शिविरों की सेवा पूरी दुनिया में एक अनूठा कार्यक्रम बन चुकी है। इन सफलतापूर्वक आयोजित शिविरों के असली हीरो वे नियमित रक्तदाता हैं जो मानवता की भलाई के लिए हर तीन महीने बाद पुनः ब्लड बैंक पहुँचकर रक्तदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि समूह द्वारा पिछले 20 वर्षों से अब तक 1131 रक्तदान शिविरों में 35821 रक्त यूनिट एकत्रित किए जा चुके हैं। इनमें 39 शिविर भोग कार्यक्रमों में, 3 शिविर विवाह समारोहों में, 1 शिविर जन्मदिन के अवसर पर, 16 स्मृति शिविर, 1 शिविर कबड्डी टूर्नामेंट के समय, 1 शिविर नए घर के गृह-प्रवेश पर, 1 शिविर नए शोरूम के उद्घाटन के अवसर पर और 5 शिविर ‘मेरे घर रक्तदान शिविर’ अभियान के तहत घरों में लगाए गए।
हरदीप सनौर ने बताया कि 15वें वर्ष की शुरुआत 5 मई को होगी। उन्होंने कहा, "मेरी जिंदगी का यही मिशन है कि खुशी और गम के हर समागम के अवसर पर रक्तदान शिविर लगें और हर स्वस्थ व्यक्ति हर तीन महीने बाद रक्तदान करे, ताकि हर जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त मिले और बहुमूल्य मानवीय जानें बचाई जा सकें। हर रक्तदाता हर साल एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे।" उन्होंने इस महान सेवा में सहयोग देने वालों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोग की आशा जताई।