शहर में जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में नगर निगम चंडीगढ़ ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा ने सोमवार को व्यापक जल कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए एक समर्पित सिटी वाटर मैनेजमेंट सेल गठित करने का प्रस्ताव रखा, जो शहर में जल सुधारों को आगे बढ़ाएगा।
इस कार्ययोजना में भूजल संरक्षण और प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है। निजी बोरवेल्स पर सख्त नियंत्रण, रिचार्ज वेल, परकोलेशन पिट्स और शहरी वेटलैंड्स के माध्यम से भूजल पुनर्भरण को बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। इसके साथ ही डिजिटल ग्राउंडवॉटर रजिस्ट्री विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
योजना के तहत प्राकृतिक चोओं (जलधाराओं) के पुनर्जीवन, स्टॉर्म वाटर को रिचार्ज सिस्टम से जोड़ने और स्मार्ट फ्लड मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने पर भी बल दिया गया।
नीतिगत सुधारों में भवन उपनियमों के तहत वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को अनिवार्य बनाने, जल पुन: उपयोग को बढ़ावा देने और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रोत्साहन देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। जल संयंत्रों के सौरकरण (सोलराइजेशन) के जरिए ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की योजना भी तैयार की गई है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि शहर में SCADA आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग, AI आधारित जल मांग पूर्वानुमान और नागरिक सहभागिता के लिए जागरूकता अभियान व रिपोर्टिंग ऐप्स जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
नगर निगम का लक्ष्य जल हानि को कम करना, जल पुन: उपयोग को बढ़ाना और भविष्य के लिए एक मजबूत, कुशल और टिकाऊ जल प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है।