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शहर के वीआईपी और हाई-सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले सेक्टर-9 में पुलिस हेडक्वार्टर की नाक के नीचे एक कैफे में रोजाना खुलेआम हुक्के के छल्ले उड़ाए जा रहे हैं। जिस स्थान पर कानून व्यवस्था सबसे मजबूत होनी चाहिए, वहीं नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं। सेक्टर-9 स्थित ‘काऊ बॉय रोडियो’ (Cow Boy Rodeo) कैफे में सोमवार से रविवार तक लगातार हुक्का परोसा जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कैफे के पास न तो एक्साइज विभाग का वैध लाइसेंस है और न ही फूड से संबंधित जरूरी अनुमति। इसके बावजूद यह कैफे पिछले करीब 10 वर्षों से बिना किसी डर के धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह कैफे पुलिस हेडक्वार्टर से महज 400 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी सेक्टर-3 थाना पुलिस की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही? या फिर सब कुछ देखने के बावजूद कार्रवाई जानबूझकर नहीं की जा रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन हर बार कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रही। कभी छोटा-मोटा चालान, तो कभी हल्की कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। यही वजह है कि यह कैफे वर्षों से बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी करता आ रहा है। अब इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या सेक्टर-3 थाना पुलिस इस बार कोई सख्त कदम उठाएगी, या फिर पहले की तरह सिर्फ एक मामूली परचा काटकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा? सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इस कैफे संचालक की स्थानीय थाना पुलिस से कोई ‘सेटिंग’ है, या फिर मामला कुछ और ही है? अगर नहीं, तो फिर इतने वर्षों से बिना लाइसेंस यह कारोबार आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है? शहर में नशे और अवैध गतिविधियों पर सख्ती के बड़े-बड़े दावे करने वाली पुलिस के लिए यह मामला किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कानून की रक्षा करने वाली एजेंसियां इस ‘हुक्का हब’ पर कब तक चुप्पी साधे रहती हैं।