Uturn Time
Breaking
ऑपरेशन सेफ्टी: पंचकूला में बिना हेलमेट दुपहिया चलाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्ती, 110 दिनों में 5809 चालान काटे सेक्टर 45 बुड़ैल की खराब सड़कें, सीवरेज और सफाई व्यवस्था को लेकर शादाब राठी ने सौंपा ज्ञापन चंडीगढ़ के रिहायशी इलाकों में प्रस्तावित बीएंडबी नीति का CRAWFED ने किया विरोध आईटी पार्क थाना पुलिस ने महिंद्रा पिकअप से इंजन वायर चोरी करने वाला आरोपी दबोचा चंडीगढ़ को मिली डॉग एम्बुलेंस, अब सड़क पर घायल पशुओं को मिलेगी तुरंत मदद राज्यपाल से मिले समाज सेवी , सेवा कार्यों पर हुई चर्चा आईटी पार्क थाना पुलिस ने 14.1 ग्राम हेरोइन सहित नशा तस्कर को दबोचा ट्रांसपोर्ट नगर की बदलेगी तस्वीर: सड़क रीकार्पेटिंग शुरू, पूरे एरिया के कायाकल्प की तैयारी पनेशिया कर्मचारियों की ऐतिहासिक जीत, 13 साल बाद बहाली के आदेश जीरकपुर में योगिता श्री के दफ्तर का उद्घाटन, श्री हिंदू तख्त की बैठक आयोजित डेराबस्सी मंडियों का दौरा, केंद्र की रियायतों से गेहूं खरीद में आई तेजी: संधू जीरकपुर व्यापार मंडल के चेयरमैन ने स्टेट अवार्डी किसान फतेह सिंह सैनी को किया सम्मानित
Logo
Uturn Time
अशोक सहगल : लुधियाना यूटर्न 13 अप्रैल : पंजाब विजिलेंस ने पंजाब स्टेट सीड सर्टिफिकेशन अथॉरिटी, लुधियाना में तैनात सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी अमृतपाल सिंह को 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को जिला मानसा के वार्ड नंबर 10 के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता एक बीज उत्पादक है, जो मानसा में मैसर्स पंजाब एग्री सीड फार्म चलाता है। उसकी फर्म पंजाब या राज्य के बाहर की कृषि विश्वविद्यालयों से ब्रीडर बीज (प्रथम श्रेणी के बीज) प्राप्त करती है और खरीदी गई फसलों से बीज तैयार करती है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी फर्म ने विभिन्न विश्वविद्यालयों और फाउंडेशन सीड स्रोतों के माध्यम से लगभग 510 हेक्टेयर (1275 एकड़) भूमि में गेहूं के बीज बोए थे। इस फसल की जांच की जिम्मेदारी आरोपी अमृतपाल सिंह, सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी की थी। इस संबंध में आरोपी लगभग 10 दिन पहले बोई गई फसल के निरीक्षण के लिए फार्म पर आया था और फसल वाले खेत दिखाने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने निरीक्षण रिपोर्ट को फसल के पक्ष में बनाने के बदले 200 रुपये प्रति हेक्टेयर (510×200 = 1,02,000 रुपये) रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने के दौरान हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था। चूंकि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो रेंज बठिंडा से संपर्क किया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।