रात 2 बजे गुल हुई बिजली, दोपहर 12 बजे बहाल; उमस में लोगों की बढ़ी परेशानी
जीरकपुर 08 Apr : बलटाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात आई तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। अचानक बदले मौसम के चलते तेज हवाओं का असर इतना अधिक था कि इलाके में दो बिजली के खंभे गिर गए। खंभे गिरने के साथ ही रात करीब 2 बजे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए।
रात के समय बिजली गुल होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उमस के बीच बिजली न होने के कारण लोग पूरी रात जागने को मजबूर रहे। घरों में लगे इनवर्टर भी कुछ घंटों बाद जवाब दे गए, जिससे हालात और मुश्किल हो गए। इसके अलावा कई घरों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई, क्योंकि मोटर नहीं चल सकी।
सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। गिरे हुए खंभों को दोबारा खड़ा करने का काम शुरू किया गया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र की बिजली पूरी तरह बंद रखी गई। कड़ी मशक्कत के बाद विभाग ने दोपहर करीब 12 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि तेज आंधी एक प्राकृतिक घटना हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक बिजली बाधित रहना चिंता का विषय है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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क्या इतने कमजोर हैं खंभों के बेस कि हल्की आंधी में ही गिर जाएं?
बलटाना में आंधी के दौरान बिजली के खंभों का गिरना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर खंभों की नींव मजबूत होती, तो तेज हवा के बावजूद इस तरह का नुकसान नहीं होता।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली के खंभों की मजबूती काफी हद तक उनकी नींव, इस्तेमाल किए गए मटेरियल और नियमित रखरखाव पर निर्भर करती है। यदि खंभों की नींव कमजोर हो, जमीन ढीली हो या लंबे समय से जांच न हुई हो, तो तेज हवा या बारिश में उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर पुराने खंभे बिना उचित मरम्मत के ही इस्तेमाल हो रहे हैं। ऐसे में हल्की या मध्यम आंधी भी भारी पड़ सकती है। अब सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित विभाग समय रहते इनकी जांच करता है या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाता है।
कोटस
“तेज आंधी के कारण दो खंभे गिर गए थे। जैसे ही हमें सूचना मिली, हमने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।”
— आशीष यादव, जेई, बिजली विभाग