गोल्डन स्टेट में नाले पर निर्माण से बढ़ा तनाव, प्रशासन ने रुकवाया काम, अवैध निर्माण पर फिर घमासान, पुलिस पहुंची मौके पर, काम दोबारा शुरू होने से भड़के लोग
जीरकपुर 26 March : बलटाना के गोल्डन स्टेट क्षेत्र में बरसाती नाले पर कथित अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। एक कोठी के निर्माण की कोशिश ने इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी, जिसके चलते स्थानीय निवासियों ने मौके पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
जैसे ही लोगों को नाले के ऊपर निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी मिली, वार्ड पार्षद शिवानी गोयल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में निवासी एकत्र हो गए और निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की। उन्होंने तत्काल नगर परिषद जीरकपुर के अधिकारियों को शिकायत दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी छुट्टी वाले दिन भी मौके पर पहुंचे और सुबह के समय निर्माण कार्य को बंद करवा दिया।
हालांकि, आरोप है कि निर्माणकर्ता ने प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी करते हुए कुछ ही समय बाद दोबारा काम शुरू कर दिया। इससे स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने फिर से विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान निवासियों और प्लॉट मालिक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए बलटाना पुलिस चौकी के इंचार्ज गुरप्रीत सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराया।
स्थानीय लोगों, जिनमें पार्षद शिवानी गोयल, पुष्पा, किरण, ममता, मंजू, सीमा, अनु, सुमन, सरिता बजाज, राजेश, गणेश, उमेश, दिनेश सहित अन्य शामिल हैं, का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में गोल्डन स्टेट, वधावा नगर, प्रशांत विहार और विकास नगर जैसे इलाके जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में नाले पर निर्माण भविष्य में बड़ी आपदा को न्योता दे सकता है।
वहीं, ममता एन्क्लेव निवासी जसप्रीत कौर ने बताया कि उन्होंने यह प्लॉट करीब तीन साल पहले खरीदा था और उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई थी कि यहां से बरसाती नाला गुजरता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नक्शे का हवाला देकर प्लॉट बेचा गया था, जबकि अब स्थानीय निवासी निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
दूसरी ओर, प्लॉट मालिक का दावा है कि यह नाला वर्षों पहले बंद हो चुका है। हालांकि, जमीनी स्थिति और लोगों के विरोध ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे मामले ने प्रशासनिक लापरवाही, भू-माफिया और आम लोगों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर कर दिया है।
बॉक्स: क्या कहना है नगर परिषद अधिकारियों का
डीएम पुनीत सिंह ने बताया कि वे स्वयं छुट्टी के दिन मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य तुरंत बंद करवाया गया। उन्होंने निर्माणकर्ता को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह अपने सभी दस्तावेज कार्यकारी अधिकारी के समक्ष पेश करे, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।