बेटे के साथ मिलकर पत्नी ने रची थी पति की मौत की खौफनाक साजिश
चरणजीत सिंह चन्न
जगरांव/यूटर्न/24/मार्च।
कहते हैं कि लालच इंसान को अंधा कर देता है, लेकिन जगराओं के गांव जंडी में जो हुआ उसने इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया है। जिस घर को प्यार और भरोसे से सींचा जाना था, वहीं जमीन के चंद टुकड़ों के लिए खूनी खेल खेला गया। हरजिंदर सिंह हत्याकांड में पुलिस ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। अपने पति की लंबी उम्र की दुआ करने वाली पत्नी ही उसकी मौत की 'मास्टरमाइंड' निकली।
ममता और वफादारी पर भारी पड़ा ज़मीन का मोह:-
बीते दिन आधी रात को जब हरजिंदर सिंह गहरी नींद में था, उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि उसके अपने ही उसे मौत की नींद सुलाने की तैयारी कर चुके हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी बेटे जसकरन सिंह उर्फ जस्सू ने जब राज उगले, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। जस्सू ने कबूल किया कि इस खौफनाक वारदात की पटकथा उसकी मां तरनजीत कौर उर्फ तनी ने ही लिखी थी।
साजिश, कत्ल और फिर 'मगरमच्छ' के आंसू:-पुलिस जांच के अनुसार, हत्या को अंजाम देने के बाद अगले दिन आरोपियों ने खुद को निर्दोष दिखाने के लिए जमकर 'ड्रामा' किया। घर में चीखने-चिल्लाने और विलाप करने का ढोंग रचा गया ताकि किसी को शक न हो। लेकिन कानून के हाथ अंततः गुनहगारों के गिरेबान तक पहुंच ही गए।
वारदात की पूरी कड़ी: मुख्य साजिशकर्ता: पत्नी तरनजीत कौर और बेटा जसकरन सिंह।
सह-आरोपी: जसकरन के दोस्त गुरप्रीत सिंह (काका) और धरमिंदर सिंह (गिआनी)।
वजह: प्रॉपर्टी और जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चला आ रहा घरेलू विवाद।
खिड़की फांदकर अंदर गए भतीजे के उड़े होश:-घटना का खुलासा तब हुआ जब बुधवार दोपहर तक हरजिंदर के घर का दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों की सूचना पर जब मृतक का भाई जगराज और भतीजा कुलजिंदर पहुंचे, तो अंदर का मंजर रूह कंपा देने वाला था। हरजिंदर सिंह बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा था। जगराज सिंह ने पुलिस को बताया कि हरजिंदर अक्सर अपनी जान को लेकर डर जाहिर करता था, और वही डर सच साबित हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
थाना सिधवां बेट के प्रभारी हमराज सिंह ने बताया कि बेटे की निशानदेही पर आरोपी पत्नी तरनजीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
"जिस बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया और जिस पत्नी को जीवनसंगिनी बनाया, उन्हीं ने ज़मीन के लालच में हरजिंदर की जिंदगी का दीया बुझा दिया। यह मामला समाज के गिरते नैतिक मूल्यों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।"