रणजीत सिंह का एनकाउंटर गुरदासपुर पुलिस द्वारा किया गया था और उस पर आईएसआई से जुड़े होने के आरोप थे।
नवीन गोगना
गुरदासपुर, 3 मार्च (यूटर्न) – जिला गुरदासपुर के आदियां क्षेत्र में एएसआई-होमगार्ड हत्या मामले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारे गए युवक रणजीत सिंह का पोस्टमार्टम आज करीब सात दिन बाद करवाने पर परिवार सहमत हो गया है। सीजेएम अदालत ने यह आदेश रणजीत सिंह की मां द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिया, जिस पर परिवार ने सहमति जताई।
अदालत का आदेश
अदालत ने पीजीआई या एम्स में पोस्टमार्टम करवाने की मांग खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मांग को स्वीकार करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह मामला केवल माननीय हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में है। अदालत ने यह भी कहा कि मृतक का शव कई दिनों से सिविल अस्पताल में रखा हुआ है, इसलिए तुरंत पोस्टमार्टम करना जरूरी है। सीजेएम ने सिविल अस्पताल के एसएमओ को डॉक्टरों का बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया।
परिवार की मांगें
मृतक के ताया हरविंदर सिंह ने कहा कि वे अदालत के आदेश का पालन करते हुए पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंच गए हैं। डॉक्टरों और वकीलों की एक टीम भी अस्पताल में मौजूद है। हालांकि परिवार की मांग है कि पोस्टमार्टम से पहले उन्हें रणजीत सिंह का शव दिखाया जाए। इसके अलावा जिस डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाना है, उनसे मुलाकात करवाई जाए ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके बेटे का पोस्टमार्टम कौन कर रहा है।
मृतक के ताया ने कहा कि माननीय अदालत का नोटिस उन्हें मिल चुका है और उन्हें उसकी सामग्री के बारे में पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। यदि प्रशासन उनकी सभी मांगों को मान लेता है, तो वे पोस्टमार्टम करवाने के लिए तैयार हैं।
तीन डॉक्टरों की टीम कर रही पोस्टमार्टम
सिविल अस्पताल गुरदासपुर के सीनियर मेडिकल ऑफिसर रविंदर सिंह ने बताया कि “चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की निगरानी में तीन डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम कर रहा है, जिनमें दो फॉरेंसिक डॉक्टर अमृतसर से और एक सिविल अस्पताल गुरदासपुर से है।”
उल्लेखनीय है कि 22 फरवरी को एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार के शव आदियां पुलिस स्टेशन से बरामद हुए थे, जो भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है।
25 फरवरी को रणजीत सिंह को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान एसएचओ की गाड़ी पलट गई और वह फरार हो गया। बाद में सीआईए टीम ने उसे पुराने शाला इलाके में घेर लिया, जहां मुठभेड़ में उसे मार गिराया गया। इस कार्रवाई में सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह समेत पांच अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।