जीरकपुर 18 Feb : जीरकपुर में चल रहे मोर्चे में शामिल विभिन्न संगठनों ने किसानों के धरने को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा किए गए कथित बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है। ठेका मुलाजिम पीएसपीसीएल, टीएसयू और पेंशनर्स साथियों ने ज़ीरकपुर स्थित निगरान इंजीनियर के कार्यालय के बाहर केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेताओं के घरों पर की जा रही छापेमारी, धरना देने जा रहे किसानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की सख्त आलोचना की।
प्रेस बयान जारी करते हुए सर्कल सचिव मोहाली एकम सिद्धू और राजिंदर प्रधान ने कहा कि सरकार अपने हक की मांग करने वाले मेहनतकश लोगों की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की जत्थेबंदियों के नेताओं के घरों पर छापेमारी यह दर्शाती है कि सरकार जनता के मुद्दों को हल करने में विफल रही है।
सर्कल प्रधान गुरमीत सिंह और प्रधान अमनिंदर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार अपनी कार्रवाई से बाज नहीं आई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा संघर्ष को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
नेताओं ने अपने अगले कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि 22 फरवरी 2026 को बीजेपी के दफ्तरों तथा पंजाब सरकार के हल्का विधायकों के घरों और कार्यालयों के बाहर रोष प्रदर्शन और धरने दिए जाएंगे।
इस अवसर पर हरदीप सिंह, सुखविंदर सुखी, कुलवीर सिंह, रोहित शर्मा, जगमोहन सिंह, सेवक सिंह सहित अन्य साथी मौजूद रहे।