पुलिस ने 6 मई 2021 को सड़क पर फेंके गए एक प्लास्टिक के लिफाफे से हेरोइन बरामद करने का दावा किया था। मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने दो आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि तीसरा आरोपी नवंबर 2025 में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
मोहाली : सीआईए मोहाली की ओर से 110 ग्राम हेरोइन बरामदगी का दावा कर दर्ज किए गए नशा तस्करी के मामले में अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गगनदीप सिंह और सतिंदर सिंह उर्फ काला को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के आदेश दिए हैं। मामले का तीसरा आरोपी लवप्रीत सिंह उर्फ लव निवासी हरियाणा सुनवाई के दौरान भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
पुलिस ने सड़क पर लिफाफा फेंकने का किया था दावा
मामले में सीआईए मोहाली की ओर से अदालत में पेश चार्जशीट के अनुसार 6 मई 2021 को पुलिस टीम असामाजिक तत्वों की तलाश में मोहाली से बलौंगी पुल की तरफ जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, टीम जब एक पेट्रोल पंप के पास पहुंची तो गली से पीले रंग का परना बांधे एक युवक सड़क पर आया। पुलिस पार्टी को देखकर वह घबरा गया और वापस गली की तरफ भागने लगा।
चार्जशीट के अनुसार भागते समय युवक ने अपनी जेब से एक प्लास्टिक का लिफाफा निकालकर सड़क पर फेंक दिया। पुलिस ने उसे काबू कर पूछताछ की तो उसने अपना नाम लवप्रीत सिंह उर्फ लव निवासी माखू-माजरा, जिला करनाल, हरियाणा बताया।
लिफाफे में हेरोइन मिलने का दावा
पुलिस के अनुसार सड़क पर फेंके गए लिफाफे को उठाकर जांच की गई तो उसमें हेरोइन बरामद हुई। जांच अधिकारी ने अपने बैग से कंप्यूटराइज्ड कांटा निकालकर पदार्थ का वजन किया, जो लिफाफे समेत 110 ग्राम बताया गया। इसके बाद कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और लवप्रीत सिंह के खिलाफ बलौंगी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
इसी मामले में पुलिस ने गगनदीप सिंह और सतिंदर सिंह उर्फ काला को भी नामजद कर गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी मामले की सुनवाई के दौरान जेल में थे।
अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में रहा नाकाम
मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत में गगनदीप सिंह और सतिंदर सिंह के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके। अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
वहीं, मामले के तीसरे आरोपी लवप्रीत सिंह उर्फ लव को अदालत ने 12 नवंबर 2025 को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इस तरह 110 ग्राम हेरोइन की कथित बरामदगी से शुरू हुए मामले में अदालत ने दो आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि तीसरा आरोपी अभी न्यायिक प्रक्रिया से बाहर है।