लुधियाना: शहर में निवेश के नाम पर ₹22 लाख की कथित वित्तीय ठगी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रशांत आहूजा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी के संभावित मददगारों, परिवार के सदस्यों तथा नजदीकी रिश्तेदारों की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है।
मामला क्या है?
शिकायतकर्ता रोहित जिंदल और उनकी धर्मपत्नी द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उनके साथ निवेश के नाम पर कथित तौर पर ₹22 लाख की धोखाधड़ी की गई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस कमिश्नरेट लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर 3 में आरोपी प्रशांत आहूजा पुत्र राजेश आहूजा, निवासी मकान नंबर 762, गुलचमन गली, चौड़ा बाजार, लुधियाना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 406 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
परिवार और नजदीकी रिश्तेदार भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच में कथित लेन-देन और रकम के हस्तांतरण से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित ठगी की रकम को इधर-उधर करने, छिपाने अथवा आरोपी की मदद करने में परिवार के किसी सदस्य या नजदीकी रिश्तेदार की कोई भूमिका रही है या नहीं।
यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
आरोपी की तलाश में छापेमारी
थाना डिवीजन नंबर 3 के जांच अधिकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी प्रशांत आहूजा की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इसके साथ ही बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि कथित ठगी की रकम के पूरे लेन-देन और उससे जुड़े व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
राजगढ़ एस्टेट और ओमैक्स प्लाजा से जुड़े ठिकानों की भी जांच
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी वर्तमान में अपने परिवार के साथ राजगढ़ एस्टेट, साउथ सिटी, लुधियाना में रह रहा बताया जा रहा है। वहीं, आरोपी से संबंधित बताया जा रहा कार्यालय ओमैक्स प्लाजा, लुधियाना में स्थित है। जांच के दौरान पुलिस द्वारा इन स्थानों से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है और जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।