मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रदेश में स्टार्टअप निवेश 250 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,054 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि रोजगार के अवसर दोगुने से अधिक हो गए हैं। कार्यक्रम के दौरान राजस्थान स्टार्टअप क्वेस्ट-2026 और सिंगल हॉलिस्टिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल का शुभारंभ किया गया। साथ ही 33 स्टार्टअप्स को 50 करोड़ रुपये की फंडिंग और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
जयपुर (Naren Danu) : राजस्थान के युवाओं के लिए स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में अवसरों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को जयपुर में आयोजित राजस्थान यूथ कॉन्क्लेव में कहा कि किसी भी स्टार्टअप को आगे बढ़ने के लिए सही मार्गदर्शन, अनुदान और सरकारी सहयोग जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपने नए विचारों को केवल कागज तक सीमित न रखने, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा कि स्टार्टअप और डिजिटल सेवाओं का फायदा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी इनका विस्तार जरूरी है। केंद्र और राज्य सरकार इसके लिए नीतिगत और वित्तीय स्तर पर सहयोग उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने राजस्थान के स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में हो रहे नवाचारों को देश और दुनिया के सामने लाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और उद्यमशीलता के दम पर आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के स्टार्टअप्स में निवेश 2023 के करीब 250 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1,054 करोड़ रुपये हो चुका है। इसी अवधि में स्टार्टअप से जुड़े रोजगार 22 हजार से बढ़कर 49 हजार से अधिक हो गए हैं। पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत 4,828 नए स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार जनजातीय युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए बांसवाड़ा में ट्राइबल इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू किया गया है, जिससे प्रदेश में इन्क्यूबेशन सेंटरों की संख्या 10 हो गई है। आई-स्टार्ट कार्यक्रम का विस्तार सभी 33 जिलों में किया जा चुका है। चयनित स्कूल-कॉलेजों में 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां 1.29 लाख विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है।
सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यटन, खनन और जनसेवा से जुड़ी समस्याओं के तकनीकी समाधान के लिए राजस्थान इनोवेशन चैलेंज शुरू किया है। इसके तहत नवाचारकर्ताओं को साढ़े सात करोड़ रुपये तक की अनुदान सहायता दी जा रही है। वहीं एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए एवीजीसी-एक्सआर नीति लागू की गई है।
राजस्थान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए राजस्थान एआई-एमएल नीति 2026 भी जारी की गई है। जयपुर में डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन के लिए तीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं ‘एआई फॉर ऑल’ कार्यक्रम के तहत करीब चार हजार सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
कार्यक्रम में राजस्थान स्टार्टअप क्वेस्ट 2026 और सिंगल हॉलिस्टिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल का डिजिटल शुभारंभ किया गया। प्रदेश के 33 स्टार्टअप्स को 50 करोड़ रुपये की फंडिंग दी गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के 33,806 लाभार्थियों को 182.08 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए गए। लखपति दीदी योजना के तहत 2,670 महिलाओं को 22 करोड़ रुपये और पीएम स्वनिधि के तहत 3,011 पथ विक्रेताओं को 5.64 करोड़ रुपये के ऋण सहायता चेक सौंपे गए।
सीतारमण और मुख्यमंत्री ने इस दौरान युवाओं, स्टार्टअप संस्थापकों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद भी किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी समेत कई मंत्री, अधिकारी, स्टार्टअप फाउंडर्स और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।