क्लस्टर और जोन मॉडल से गुरुग्राम में नगर निगम की कार्यप्रणाली में बदलाव
गुरुग्राम (Narendra Singh Danu) : नगर निगम गुरुग्राम ने प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा पुनर्गठन करते हुए निगम क्षेत्र को दो क्लस्टरों और आठ जोनों में बांटने का निर्णय लिया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई व्यवस्था 15 जून 2026 से लागू होगी।
नई संरचना के तहत क्लस्टर-1 और क्लस्टर-2 में कुल आठ जोन बनाए गए हैं, जिनमें अलग-अलग वार्ड शामिल किए गए हैं। इस पुनर्गठन का उद्देश्य फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करना, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
तेज होगा शिकायत निवारण और प्रशासनिक कामकाज
निगम प्रशासन के अनुसार नई व्यवस्था से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा, जन शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही विकास और स्वच्छता कार्यों में भी तेजी आएगी।
अधिकार और जिम्मेदारियां होंगी स्पष्ट
नवगठित क्लस्टर और जोनों के लिए प्रशासनिक नियंत्रण, रिपोर्टिंग सिस्टम, अधिकारियों की तैनाती और वित्तीय अधिकारों से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। तब तक सभी अधिकारी वर्तमान व्यवस्था के तहत कार्य करते रहेंगे।
जल्द तैयार होंगे जोन मानचित्र
निगमायुक्त ने मुख्य नगर योजनाकार को निर्देश दिए हैं कि क्लस्टर और जोन की सीमाओं के विस्तृत मानचित्र तैयार कर जल्द प्रस्तुत किए जाएं। मंजूरी के बाद इन्हें सभी विभागों और फील्ड कार्यालयों में लागू किया जाएगा और नागरिकों की जानकारी के लिए वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि शहर के तेजी से विस्तार और बढ़ती जन अपेक्षाओं को देखते हुए यह पुनर्गठन जरूरी था। नई व्यवस्था से निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और नागरिकों को अधिक पारदर्शी व समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी।