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अजीत झा. चंडीगढ़ 09 March : साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन यूटी चंडीगढ़ ने हाई-वैल्यू इन्वेस्टमेंट फ्रॉड मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह गिरफ्तारी एसपी साइबर यूटी चंडीगढ़ गीताांजलि खंडेलवाल (आईपीएस) के निर्देशों पर, डीएसपी साइबर क्राइम एंड आईटी के मार्गदर्शन और सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम थाना के एसएचओ की निगरानी में की गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आदित्य जैन (26), निवासी जयपुर, राजस्थान को गिरफ्तार किया गया है, जिसे इस साइबर फ्रॉड रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। फेसबुक विज्ञापन के जरिए ठगी यह मामला एफआईआर नंबर 17, दिनांक 17 फरवरी 2024 के तहत थाना साइबर क्राइम चंडीगढ़ में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता सचिन अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उन्हें फेसबुक पर शेयर बाजार में निवेश का एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसके बाद उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कुछ लोगों ने उन्हें मोबाइल एप के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने उन्हें रोजाना ट्रेडिंग टिप्स, ऑनलाइन सेशन और “स्पिन एंड विन” जैसे ऑफर दिखाकर भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्हें एप के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलने के लिए कहा गया। एप में फर्जी मुनाफा दिखाकर उन्हें और निवेश के लिए उकसाया गया, जबकि असल में किसी भी स्टॉक एक्सचेंज में कोई ट्रेडिंग नहीं हो रही थी। आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने लगभग 27 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में आईएमपीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए। पहले तीन आरोपी जयपुर से गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने जयपुर में छापेमारी कर मंजीत बुरी, आशीष सक्सेना और हिमांशु गौतम को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में इन आरोपियों ने खुलासा किया कि वे आदित्य जैन के निर्देश पर काम कर रहे थे, जो इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का मास्टरमाइंड है और बैंक खातों की व्यवस्था करता था। दुबई भाग गया था मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आदित्य जैन गिरफ्तारी से बचने के लिए दुबई फरार हो गया था, जिसके बाद उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया। बाद में राजस्थान पुलिस ने इंटरपोल की मदद से उसे एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उसे 7 मार्च 2026 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया और अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड भी लिया है। 350 से ज्यादा साइबर शिकायतों से जुड़े लिंक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों से बरामद मोबाइल नंबरों का लिंक देशभर में 350 से अधिक साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़ा हुआ है, जिनमें 13 एफआईआर विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं। लोगों के लिए पुलिस की एडवाइजरी चंडीगढ़ पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़े विज्ञापनों पर भरोसा न करें और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग डिटेल, ओटीपी या कार्ड संबंधी जानकारी साझा न करें। साथ ही किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।