चंडीगढ़/यूटर्न/5 मार्च। यूएस डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा है कि एक अमेरिकन सबमरीन ने हिंद महासागर में एक ईरानी वॉरशिप डुबो दिया। उन्होंने कहा कि शिप मंगलवार को एक टॉरपीडो से डूबा था और शांत मौत मर गया। उन्होंने शिप का नाम नहीं बताया। उनकी यह घोषणा तब हुई जब श्रीलंका ने कहा कि उसकी नेवी ने बुधवार सुबह आइरिस डेना नाम के एक ईरानी शिप से आए डिस्ट्रेस कॉल का जवाब दिया था, जो उसके दक्षिणी कोस्टलाइन से लगभग 40 किलोमीटर (25 मील) दूर डूब गया था। श्रीलंका के एक डिफेंस ऑफिसर ने बीबीसी सिंहल को बताया कि बचाव दल को फ्रिगेट से 80 लाशें मिलीं। देश की नेवी ने कहा कि 32 और लोगों को बचा लिया गया।
समुद्र में यूएस ने किया जुल्म
ईरान के फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अराघची ने कहा कि यूएस ने ईरान के किनारों से 2,000 मील दूर समुद्र में ज़ुल्म किया है। उन्होंने गुरुवार सुबह एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, फ्रिगेट डेना, जो भारत की नेवी का मेहमान था और जिसमें लगभग 130 नाविक थे, बिना किसी चेतावनी के इंटरनेशनल पानी में टकरा गया। मेरी बात याद रखना: यूएस को अपने बनाए इस उदाहरण का बहुत पछतावा होगा। श्रीलंका की नेवी के एक प्रवक्ता ने कहा कि जहाज़ के डॉक्युमेंट्स के आधार पर माना जा रहा है कि आइरिस डेना पर लगभग 180 लोग सवार थे। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने कहा कि जो लोग बचे थे वे गंभीर रूप से घायल थे और उन्हें दक्षिणी पोर्ट गाले के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया था।
दूसरे वर्ल्ड वॉर के बाद पहली घटना
हेगसेथ ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एक यूएस सबमरीन ने एक ईरानी वॉरशिप को डुबो दिया था जिसे लगा कि वह इंटरनेशनल पानी में सुरक्षित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह "दूसरे वर्ल्ड वॉर के बाद किसी दुश्मन जहाज़ को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना थी। हालांकि 1945 के बाद यह पहली बार है कि किसी अमेरिकी सबमरीन ने इस तरह दुश्मन के जहाज़ को डुबोया है, UK और पाकिस्तान दोनों ने तब से टॉरपीडो का इस्तेमाल करके जहाज़ डुबोए हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफ़ेंस के जारी किए गए वीडियो में एक जहाज़ पर हमला होता हुआ दिखा, जिससे जहाज़ का पिछला हिस्सा फटने से पहले ऊपर उठ गया।
हमारे सर्च व रेस्क्यू इलाके में था जहाज
इससे पहले, श्रीलंकाई नेवी के स्पोक्सपर्सन बुधिका संपत ने उन खबरों को खारिज कर दिया था कि आइरिस डेना पर सबमरीन ने हमला किया था। उन्होंने आगे कहा कि, जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था, तो रेस्क्यू करने वालों ने जहाज़ को या उस इलाके में किसी दूसरे जहाज़ को नहीं देखा था, लेकिन पानी पर तेल के धब्बे और लाइफ़ राफ्ट तैरते हुए देखे थे। संपत ने कहा कि हालांकि जहाज़ की लोकेशन हमारे पानी के बाहर थी, यह हमारे सर्च और रेस्क्यू इलाके में था। इसलिए हम इंटरनेशनल ज़िम्मेदारियों के हिसाब से जवाब देने के लिए मजबूर थे।
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